मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा रणनीतिक संबंधों में खोल सकती है ‘एक नया अध्याय’ : विशेषज्ञ
मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा रणनीतिक संबंधों में खोल सकती है 'एक नया अध्याय' : विशेषज्ञ
ताशकंद, 28 अगस्त (भाषा) उज्बेकिस्तान में भारत के पूर्व राजदूत का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उज्बेकिस्तान की आगामी यात्रा से नयी दिल्ली और ताशकंद के बीच रणनीतिक साझेदारी को नयी गति मिल सकती है। इससे व्यापार, निवेश, संपर्क और सुरक्षा के क्षेत्रों में मौजूदा समझौतों को ठोस नतीजों में बदला जा सकेगा।
विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 29-30 अगस्त को ताशकंद की राजकीय यात्रा करेंगे। मध्य एशियाई देश की यह उनकी चौथी यात्रा होगी।
अपनी यात्रा के दौरान, मोदी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत करेंगे। दोनों नेताओं के व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों में सहयोग की समीक्षा करने की उम्मीद है।
उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्रालय के तहत ‘यूनिवर्सिटी ऑफ वर्ल्ड इकोनॉमी एंड डिप्लोमेसी’ में डिप्लोमैटिक एकेडमी के निदेशक और पूर्व राजदूत अब्दुसमद खायदारोव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को ईमेल के जरिए बताया कि यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों में ‘‘एक नया अध्याय’’ खोल सकता है।
उन्होंने कहा कि पिछले दशक में दोनों देशों ने एक ‘मजबूत कानूनी और संस्थागत ढांचा’ और आपसी भरोसे की नींव तैयार की है, लेकिन अब इस साझेदारी को और अधिक व्यावहारिक रूप देने की जरूरत है।
खायदारोव ने कहा, ‘‘2025 में द्विपक्षीय व्यापार के 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने के बावजूद, व्यापार का मौजूदा स्तर दोनों देशों की क्षमता के हिसाब से अभी भी कम है।’’
उन्होंने कहा कि मोदी की यात्रा का एक अहम नतीजा यह हो सकता है कि अगले तीन साल में दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने के तय लक्ष्य को हासिल करने के लिए ठोस तरीके अपनाए जाएं।
उन्होंने कहा कि अधिक व्यापारिक सहयोग की गुंजाइश वाले क्षेत्रों, जैसे कि फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र, खेती, खाद्य प्रसंस्करण, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाओं पर खास ध्यान दिया जा सकता है।
भाषा सुभाष नरेश
नरेश

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