पिता के निधन के बाद नार्वे के नए राजा बने ‘हाकोन अष्टम’
पिता के निधन के बाद नार्वे के नए राजा बने 'हाकोन अष्टम'
कोपेनहेगन (डेनमार्क), 28 अगस्त (एपी) नॉर्वे के नए राजा बने हाकोन अष्टम के सामने स्कैंडिनेवियाई देश की राजशाही को स्थिरता प्रदान करने और शाही परिवार की लोकप्रियता बढ़ाने की चुनौती होगी।
दरअसल नए राजा की पत्नी के यौन अपराधों में दोषी ठहराए गए जेफ्री एप्स्टीन के साथ पूर्व संपर्कों और उनके सौतेले बेटे को बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद शाही परिवार की लोकप्रियता प्रभावित हुई है।
स्कैंडिनेविया उत्तरी यूरोप का एक सांस्कृतिक व भौगोलिक क्षेत्र है, जिसमें नॉर्वे भी आता है।
राजा हेराल्ड पंचम के शुक्रवार को निधन के बाद उनके उत्तराधिकारी 53 वर्षीय युवराज हाकोन नॉर्वे के नए राजा बने। हाकोन की ज्येष्ठ संतान राजकुमारी इंग्रिड अलेक्जेंड्रा अब उनकी उत्तराधिकारी होंगी।
हाकोन राजकाज की बारीकियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। हाल के वर्षों में अपने पिता की ढलती उम्र और गिरते स्वास्थ्य के कारण वह कई अवसरों पर राजा की अनुपस्थिति या सेहत सही नहीं होने की स्थिति में देश के कार्यवाहक शासक के रूप में दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं।
नॉर्वे की राजशाही का इतिहास काफी पुराना है। इसकी शुरुआत नौवीं सदी में राजा हेराल्ड फेयरहेयर से मानी जाती है। 1905 में स्वीडन से स्वतंत्र होने के बाद नॉर्वे में जनमत संग्रह कराया गया, जिसमें करीब तीन-चौथाई लोगों ने राजशाही बहाल करने के पक्ष में मतदान किया। आज राजा की भूमिका मुख्य रूप से प्रतीकात्मक है और वास्तविक सत्ता निर्वाचित संसद के पास है। हालांकि, शाही परिवार अब भी लोगों के आकर्षण का केंद्र है और दुनिया भर में इस समृद्ध देश की छवि को बढ़ावा देने में उसकी अहम भूमिका है।
हाकोन, हेराल्ड की छोटी संतान हैं। हाकोन अपनी बड़ी बहन राजकुमारी मार्था लुइस के दो साल बाद पैदा हुए। हालांकि, परिवार के सबसे बड़े पुरुष संतान होने के कारण 1991 में अपने दादा राजा ओलाव के निधन के बाद वह राजगद्दी के उत्तराधिकारी बने। नॉर्वे के संविधान में 1990 में संशोधन कर यह व्यवस्था की गई कि भविष्य में जन्म लेने वाली पहली संतान को, चाहे वह लड़का हो या लड़की, राजगद्दी के उत्तराधिकार क्रम में प्राथमिकता मिलेगी। हालांकि, यह बदलाव पहले से जन्म ले चुकी संतानों पर लागू नहीं किया गया।
एपी सुमित पवनेश
पवनेश

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