मैंडलसन को अमेरिकी राजदूत नियुक्त करने के लिए राजनीतिक दबाव बनाया गया: पूर्व अधिकारी

मैंडलसन को अमेरिकी राजदूत नियुक्त करने के लिए राजनीतिक दबाव बनाया गया: पूर्व अधिकारी

मैंडलसन को अमेरिकी राजदूत नियुक्त करने के लिए राजनीतिक दबाव बनाया गया: पूर्व अधिकारी
Modified Date: April 21, 2026 / 05:04 pm IST
Published Date: April 21, 2026 5:04 pm IST

लंदन, 21 अप्रैल (एपी) पीटर मैंडलसन को अमेरिका में ब्रिटेन के राजदूत के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लेने वाले एक पूर्व अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा चिंताओं के बावजूद उन पर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का राजनीतिक दबाव बनाया गया।

विदेश कार्यालय के पूर्व प्रमुख ऑली रॉबिन्स ने कहा कि ये चिंताएं यौन अपराधी जेफरी एप्स्टीन के साथ मैंडलसन के संबंधों से संबंधित नहीं थीं। सांसदों द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि सरकारी जांच एजेंसी ने मैंडलसन को संभावित सुरक्षा जोखिम के रूप में क्यों चिह्नित किया।

रॉबिन्स ने कहा कि जांच एजेंसी ने मैंडलसन को ‘संदिग्ध मामला’ माना और उसका मत उन्हें सुरक्षा मंजूरी देने के खिलाफ सिफारिश करने का था।

विदेश कार्यालय ने फिर भी उन्हें मंजूरी देने का फैसला किया। इस फैसले को लेकर प्रधानमंत्री केयर स्टार्मर ने पिछले हफ्ते रॉबिन्स को बर्खास्त कर दिया। स्टार्मर को इस नियुक्ति को लेकर अपने फैसले पर सवालों का सामना करना पड़ रहा है और उनसे इस्तीफे की मांग भी की जा रही है।

रॉबिन्स ने मंगलवार को हाउस ऑफ कॉमन्स की विदेश मामलों की समिति को बताया कि स्टार्मर के कार्यालय से ‘‘दबाव का माहौल’’ बनाया जा रहा था।

उन्होंने कहा कि यह ‘बहुत प्रबल अपेक्षा’ थी कि मैंडलसन को ‘‘जल्द से जल्द पदभार ग्रहण करके अमेरिका में होना चाहिए।’’

प्रधानमंत्री का कहना है कि जेफ्री एप्स्टीन के मित्र मैंडलसन को इस पद के लिए चुनना उनकी गलती थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें सुरक्षा जांच के बारे में पता होता तो वे नियुक्ति रद्द कर देते।

स्टार्मर ने इसका पूरा दोष विदेश कार्यालय के अधिकारियों पर मढ़ दिया और कहा कि उन्होंने उन्हें सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बारे में नहीं बताया और मैंडलसन की नियुक्ति को मंजूरी दे दी।

उन्होंने इसे ‘सचमुच चौंकाने वाला’ बताया कि अधिकारियों ने उन्हें जनवरी 2025 में हुई असफल जांच प्रक्रिया के बारे में नहीं बताया। स्टार्मर का कहना है कि उन्हें इसके बारे में पिछले सप्ताह ही पता चला।

स्टार्मर ने एप्स्टीन के साथ दोस्ती के बारे में नए विवरण सामने आने के बाद मैंडलसन को सितंबर में बर्खास्त कर दिया था।

उन्होंने राजदूत रहते हुए मैंडलसन की संवेदनशील जानकारी तक पहुंच से उत्पन्न होने वाली किसी भी सुरक्षा संबंधी चिंताओं की जांच का आदेश दिया है।

आलोचकों का कहना है कि प्रधानमंत्री ने अपने कर्मचारियों की उस चेतावनी के बावजूद मैंडलसन को राजदूत चुना कि एप्स्टीन के साथ मैंडलसन की दोस्ती सरकार को प्रतिष्ठा को जोखिम में डाल सकती है।

मैंडलसन के रूस और चीन के साथ व्यापारिक संबंधों ने भी चिंताएं बढ़ा दीं। लेकिन यूरोपीय संघ के पूर्व व्यापार प्रमुख के रूप में उनकी विशेषज्ञता और वैश्विक अभिजात वर्ग के बीच उनके संपर्कों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के साथ कामकाज करने में एक महत्वपूर्ण कारक माना गया।

एपी शोभना माधव

माधव


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