प्रधानमंत्री मोदी को इजराइल के ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ प्रदान किया गया

प्रधानमंत्री मोदी को इजराइल के ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ प्रदान किया गया

प्रधानमंत्री मोदी को इजराइल के ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ प्रदान किया गया
Modified Date: February 25, 2026 / 11:33 pm IST
Published Date: February 25, 2026 11:33 pm IST

(तस्वीरों सहित)

यरुशलम, 25 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भारत और इजराइल के बीच रणनीतिक संबंधों को सुदृढ़ करने में उनके असाधारण योगदान के लिए बुधवार को ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित किया गया।

भारतीय प्रधानमंत्री यह पदक पाने वाले पहले नेता हैं। यह इजराइली संसद ‘नेसेट’ का सर्वोच्च सम्मान है।

नेसेट स्पीकर अमीर ओहाना ने इजराइली संसद में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के बाद उन्हें यह पदक प्रदान किया।

यह पदक भारत और इजराइल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री के असाधारण योगदान के वास्ते प्रदान किया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पुरस्कार ‘‘किसी एक व्यक्ति का सम्मान नहीं है, बल्कि भारत और इज़राइल की चिरस्थायी मित्रता को दिया गया सम्मान है’’।

मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘मैं नेसेट पदक प्राप्त करके बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं इसे विनम्रता और कृतज्ञता के साथ स्वीकार करता हूं। यह किसी एक व्यक्ति का सम्मान नहीं है, बल्कि भारत और इज़राइल की चिरस्थायी मित्रता का सम्मान है। यह उन साझा मूल्यों को दर्शाता है, जो हमारे दोनों राष्ट्रों का मार्गदर्शन करते हैं।’’

प्रधानमंत्री मोदी उन विरले वैश्विक नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें इजराइल और फलस्तीन दोनों से सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी को 2018 में ‘‘ग्रैंड कॉलर आफ द स्टेट ऑफ फलस्तीन’ से सम्मानित किया गया था, जो विदेशी नेताओं के लिए फलस्तीन का सर्वोच्च सम्मान है।

यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को विभिन्न देशों द्वारा प्रदान किए गए 28 से अधिक सर्वोच्च नागरिक सम्मानों की विशिष्ट सूची में नवीनतम है। जिनमें हाल ही उन्हें मिले ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ और इथियोपिया के ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ तथा कुवैत के ‘ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर’ शामिल है।

यह प्रधानमंत्री मोदी की नौ वर्षों में इज़राइल की दूसरी यात्रा है। जुलाई 2017 में उनकी पहली यात्रा के दौरान भारत-इज़राइल संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया था।

भाषा शोभना सुरेश

सुरेश


लेखक के बारे में