रणनीतिक प्रौद्योगिकी में भारत-अमेरिका सहयोग को आगे बढ़ाने में निजी क्षेत्र की भूमिका अहम: नायडू

रणनीतिक प्रौद्योगिकी में भारत-अमेरिका सहयोग को आगे बढ़ाने में निजी क्षेत्र की भूमिका अहम: नायडू

रणनीतिक प्रौद्योगिकी में भारत-अमेरिका सहयोग को आगे बढ़ाने में निजी क्षेत्र की भूमिका अहम: नायडू
Modified Date: June 28, 2026 / 02:42 pm IST
Published Date: June 28, 2026 2:42 pm IST

वाशिंगटन, 28 जून (भाषा) विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के. नागराज नायडू ने कहा कि रणनीतिक प्रौद्योगिकियों में भारत और अमेरिका में बढ़ते सहयोग के बीच कृत्रिम मेधा (एआई), सेमीकंडक्टर, क्वांटम प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग को वास्तविक परिणामों में बदलने में निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

‘सिक्योरिंग द फाउंडेशंस ऑफ एआई टुगेदर: यूएस-इंडिया कोऑपरेशन फ्रॉम मिनरल्स टू माइक्रोचिप्स’ विषय पर आयोजित एक गोलमेज बैठक में नायडू ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हाल की पहलें रणनीतिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग की मजबूत नींव रख रही हैं।

नायडू ने कहा, ‘‘भारत और अमेरिका ने 21वीं सदी के अनुरूप एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी विकसित की है। एआई, क्वांटम प्रौद्योगिकी, महत्वपूर्ण खनिज, उन्नत ऊर्जा और विश्वसनीय आपूर्ति शृंखलाओं से जुड़ी पहलों के माध्यम से हम अब सिद्धांतों से आगे बढ़कर परियोजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा में बढ़ रहे हैं। निजी क्षेत्र इन रूपरेखाओं को वास्तविक दुनिया के परिणामों में बदलने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।’’

इस बैठक का आयोजन सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच ने भारतीय दूतावास और ‘सिल्वरैडो पॉलिसी एक्सीलेटर’ के सहयोग से किया था।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर केंद्र के रूप में भारत के तेजी से उभरने की रूपरेखा प्रस्तुत की।

कृष्णन ने कहा, ‘‘भारत वैश्विक प्रौद्योगिकी आपूर्ति श्रृंखला में खुद को एक विश्वसनीय और महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में स्थापित कर रहा है। हमारा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र तेजी से विस्तार कर रहा है।’’

भाषा खारी देवेंद्र

देवेंद्र


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