(विनय शुक्ला)
मॉस्को, एक मार्च (भाषा) ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले के बाद रूस ने शत्रुता को तत्काल समाप्त करने और कूटनीति से समस्या का समाधान किये जाने का आग्रह किया।
रूस ने कहा कि ‘‘सभी खाड़ी देशों के वैध हितों’’ को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
ईरान ने इन हमलों के जवाब में इजराइल और पड़ोसी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की इजराइल और अमेरिका द्वारा किए गए एक हमले में मौत हो गयी।
रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘हम तत्काल तनाव कम करने, शत्रुता समाप्त करने और संयुक्त राष्ट्र चार्टर और परमाणु हथियारों के अप्रसार संधि (एनपीटी) के आधार पर मौजूदा समस्याओं को हल करने के लिए राजनीतिक और राजनयिक प्रक्रिया पर लौटने का आह्वान करते हैं।’’
रूसी विदेश मंत्रालय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अमेरिकी और इजराइली हवाई हमलों के परिणामस्वरूप खामेनेई, उनके परिवार के कई सदस्यों और उच्च पदस्थ ईरानी अधिकारियों की मौत की खबर से मॉस्को में आक्रोश और गहरा दुख व्यक्त किया गया है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खामेनेई के मारे जाने के बाद ईरानी राष्ट्रपति को भेजे संदेश में कहा कि यह कृत्य मानवीय नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी मानदंडों का घोर उल्लंघन है। रूस सरकार के मुख्यालय ‘क्रेमलिन’ ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुतिन ने अपने शोक संदेश में कहा, ‘‘ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों के हमले में मारे जाने के संबंध में मेरी गहरी संवेदनाएं स्वीकार करें। इस कृत्य को मानवीय नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी मानदंडों का घोर उल्लंघन करते हुए अंजाम दिया गया है।’’
इससे पहले शनिवार को, रूस ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमलों की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हुए एक संप्रभु राष्ट्र के खिलाफ ‘‘बिना उकसावे के’’ की कार्रवाई करार दिया था।
भाषा
देवेंद्र सिम्मी
सिम्मी