Russia-US Tensions. Image Source- IBC24 Archive
नई दिल्लीः Russia-US Tensions: उत्तरी अटलांटिक महासागर में वेनेजुएला से रवाना हुए रूसी तेल टैंकर ‘मरीनेरा’ पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद रूस और अमेरिका के बीच तीखा टकराव सामने आया है। रूस ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का खुला उल्लंघन बताते हुए अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं और इसे खुले समंदर में की गई डकैती करार दिया है।
Russia-US Tensions: रूसी सरकारी एजेंसी TASS के मुताबिक, रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि रूसी झंडे वाले जहाज पर अमेरिकी सैनिकों की कार्रवाई को लेकर स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। मॉस्को ने अमेरिका से मांग की है कि जहाज पर मौजूद रूसी नागरिकों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए और उनके अधिकारों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। रूस ने साफ शब्दों में कहा है कि अमेरिका को जहाज पर मौजूद रूसी नागरिकों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी में किसी भी तरह की बाधा नहीं डालनी चाहिए। रूस ने इस मामले को अपने नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा बताया है।
रूसी परिवहन मंत्रालय ने जानकारी दी है कि अमेरिकी बलों के सुबह करीब 7 बजे (ईटी) जहाज पर चढ़ने के बाद से टैंकर ‘मरीनेरा’ से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) का उल्लंघन है, जिसके तहत किसी देश को दूसरे देश के वैध रूप से पंजीकृत जहाज के खिलाफ बल प्रयोग करने की अनुमति नहीं है। रूसी संसद के ऊपरी सदन के वरिष्ठ नेता एंड्री क्लिशास ने अमेरिका की कार्रवाई को “समंदर में खुली लूट” बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के कदम अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए खतरनाक मिसाल बन सकते हैं और वैश्विक व्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
वहीं व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिका वेनेजुएला की अंतरिम सरकार के साथ लगातार संपर्क में है और विदेश मंत्री मार्को रूबियो सीधे वहां के अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि वह सभी प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करेगा और जरूरत पड़ने पर जहाज के क्रू को अमेरिका लाया जा सकता है। व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका वेनेजुएला और उसके तेल उद्योग के साथ एक बड़े समझौते पर भी काम कर रहा है, जिसके तहत वेनेजुएला का तेल भविष्य में अमेरिका लाया जा सकता है। इस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक राजनीति में हलचल बढ़ा दी है और रूस-अमेरिका संबंधों में और तनाव की आशंका जताई जा रही है।