Saudi Sleeping Prince died: सऊदी अरब के स्लीपिंग प्रिंस का निधन, इस भयानक हादसे के बाद चले गए थे कोमा में, 20 सालों से थे बेड पर

सऊदी अरब के स्लीपिंग प्रिंस का निधन, Saudi Arabia's sleeping prince dies, he went into coma after this terrible accident

Saudi Sleeping Prince died: सऊदी अरब के स्लीपिंग प्रिंस का निधन, इस भयानक हादसे के बाद चले गए थे कोमा में, 20 सालों से थे बेड पर
Modified Date: July 20, 2025 / 11:48 pm IST
Published Date: July 20, 2025 4:59 pm IST

नई दिल्लीः Saudi Sleeping Prince died: सऊदी अरब के युवराज अलवलीद बिन खालेद का शनिवार को निधन हो गया। 36 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांसे ली। युवराज अलवलीद बीते 20 वर्षों से कोमा में थे। इस वजह से अलवलीद बिन खालेद को स्पीपिंग प्रिंस के नाम से भी जाना जाता था। उनका जन्म अप्रैल 1990 में हुआ था। सऊदी सरकार ने प्रिंस के इलाज के लिए अमेरिका और स्पेन से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बुलाई। हालांकि वे कभी पूरी तरह होश में नहीं आए। बीच-बीच में उनके शरीर में हलचल दिखती थी, जिससे परिवार को उम्मीद बंधती रही।

Read More : MP Crime: पहले किया सेक्स.. फिर अचानक इस बात को लेकर हुआ विवाद, तांत्रिक ने गोली मारकर उतारा मौत के घाट 

Saudi Sleeping Prince died: बता दें कि प्रिंस अल वलीद, सऊदी अरब के एक शाही परिवार के सदस्य प्रिंस खालिद बिन तलाल अल सऊद के सबसे बड़े बेटे और अरबपति प्रिंस अल वलीद बिन तलाल के भतीजे थे। 15 साल की उम्र में, ब्रिटेन के एक मिलिट्री कॉलेज में पढ़ाई के दौरान वो एक दुखद सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए, जिससे उन्हें सिर पर गंभीर चोटें आईं और अंदरुनी खून बहा और उसके बाद से वो कोमा में ही थे।

Read More : MLA Anmol Gagan Mann: एक दिन पहले ही किया राजनीति से संन्यास का ऐलान, महिला विधायक ने आज वापस लिया इस्तीफा 

बेटे की मौत पर पिता ने जारी किया बयान

उनके निधन की पुष्टि करते हुए प्रिंस खालिद ने एक बयान में कहा, “अल्लाह के आदेश और नियति में पूर्ण विश्वास के साथ अत्यंत दुःख और शोक के साथ, हम अपने प्रिय बेटे प्रिंस अल-वालिद बिन खालिद बिन तलाल बिन अब्दुलअजीज अल सऊद के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं, अल्लाह उन पर दया करे, जिनका आज अल्लाह की दया से निधन हो गया।”


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।