बाल देखभाल केंद्रों में गंभीर घटनाओं में वृद्धि जारी
बाल देखभाल केंद्रों में गंभीर घटनाओं में वृद्धि जारी
(एरिन हार्पर, यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी)
सिडनी, 11 फरवरी (द कन्वरसेशन) ऑस्ट्रेलिया में प्रारंभिक बाल शिक्षा केंद्रों तथा बाल देखभाल केंद्रों में “गंभीर घटनाओं” की संख्या लगातार बढ़ रही है।
उत्पादकता आयोग की अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 में प्रति 100 सेवा केंद्रों पर ऐसी 160 गंभीर घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि यह आंकड़ा 2023-24 में 148 और 2022-23 में 139 था।
“गंभीर घटना” से आशय ऐसी स्थिति से है जो किसी बच्चे के स्वास्थ्य, सुरक्षा या कल्याण को गंभीर रूप से प्रभावित करे। इसमें गंभीर चोट या बीमारी जिसके लिए चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता हो, आपात सेवाओं की मौजूदगी वाली घटनाएं, बच्चे का लापता हो जाना आदि शामिल हैं। इसके अलावा दुर्व्यवहार या बच्चे की मृत्यु भी इस श्रेणी में आती है।
दिसंबर 2025 में जारी राष्ट्रीय बाल देखभाल सुरक्षा एवं गुणवत्ता एजेंसी (एसीईसीक्यूए) की रिपोर्ट के अनुसार “चोट, बीमारी या आघात” के मामले कुल गंभीर मामलों के 77.7 प्रतिशत थे।
ये आंकड़े देशभर में प्रारंभिक बाल शिक्षा केंद्रों तथा बाल देखभाल केंद्रों की सुरक्षा को लेकर जारी चिंताओं के बीच सामने आए हैं। पिछले सप्ताह नियामकों ने सिडनी में एक पारिवारिक बाल देखभाल केंद्र को बंद किए जाने की जानकारी दी, जहां चाकू और ज़हर जिस स्थान पर रखे गए थे, बच्चे वहां तक आसानी से पहुंच सकते थे। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में नियामक ने निगरानी में “विभिन्न तरह की चूक” को लेकर चेतावनी दी।
आंकड़े कैसे जुटाए जाते हैं?
‘एजुकेशन एंड केयर सर्विसेज नेशनल रेगुलेशन्स’ के तहत सभी सेवाओं को हर गंभीर घटना की सूचना संबंधित राज्य या क्षेत्रीय नियामक प्राधिकरण को देनी होती है। ये आंकड़े राष्ट्रीय बाल देखभाल सुरक्षा एवं गुणवत्ता एजेंसी (ऑस्ट्रेलियन चिल्ड्रन्स एजुकेशन एंड केयर क्वालिटी अथॉरिटी यानी एसीईसीक्यूए) के माध्यम से संकलित होते हैं।
दिसंबर 2025 की अद्यतन रिपोर्ट में राष्ट्रीय एजेंसी ने लगभग सभी प्रकार की गंभीर घटनाओं में वृद्धि दर्ज की है। “चोट, बीमारी या आघात” वह श्रेणी थी जिसके अंतर्गत आने वाली घटनाओं के मामले सर्वाधिक यानी कुल गंभीर घटनाओं के 77.7 प्रतिशत थे।
गिरावट क्यों नहीं दिख रही?
अद्यतन आंकड़े क्षेत्र में हाल में लागू किए गए बाल सुरक्षा सुधारों से पहले के हैं। इसलिए वार्षिक आंकड़ों में बदलाव दिखने में समय लग सकता है। कई राज्य और राष्ट्रीय स्तर की जांच अभी जारी हैं और कुछ सुधार लागू किए जाने बाकी हैं। इनमें सभी कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और छात्रों के लिए अनिवार्य बाल सुरक्षा एवं संरक्षण प्रशिक्षण शामिल है।
राष्ट्रीय एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 2016-17 की तुलना में गंभीर घटनाओं की रिपोर्टिंग में 62 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले पांच वर्षों में इसमें विशेष रूप से तेज बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि वृद्धि के सटीक कारण और समाधान स्पष्ट नहीं हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी घटनाओं में हालिया वृद्धि का एक कारण बढ़ती पारदर्शिता भी हो सकती है। अनिवार्य रिपोर्टिंग की समयसीमा घटाने और डिजिटल उपकरणों के उपयोग पर सख्ती जैसे कदमों के बाद सेवाएं और परिवार घटनाओं को दर्ज कराने के प्रति अधिक सतर्क हुए हैं।
दूसरी ओर, शोध बताते हैं कि जब सेवाएं और शिक्षक दबाव में काम करते हैं तो सुरक्षा जोखिम बढ़ते हैं। प्रारंभिक बाल शिक्षा क्षेत्र में भारी कार्यभार, अवैतनिक अतिरिक्त घंटे, उच्च कर्मचारी बदलाव दर और थकावट लंबे समय से चिंता का विषय हैं। बढ़ती नियामकीय मांगें भी दबाव बढ़ाती हैं।
प्रबंधन की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। ओईसीडी के अनुसार विनियमित प्रारंभिक बाल सेवाएं, बिना विनियमन वाली देखभाल की तुलना में सामान्यतः अधिक सुरक्षित हैं, क्योंकि वे राष्ट्रीय गुणवत्ता ढांचे के अधीन आती हैं। हालांकि क्षेत्र में गुणवत्ता में व्यापक अंतर है और निरीक्षणों के बीच लंबा अंतराल भी चिंता का विषय है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल जोखिम-आधारित कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। शिक्षकों की कार्य परिस्थितियों, कार्यबल की गुणवत्ता और प्रबंधन क्षमता जैसे व्यापक कारकों पर ध्यान देने से ही बच्चों की सुरक्षा और देखभाल की गुणवत्ता में स्थायी सुधार संभव है।
द कन्वरसेशन मनीषा सिम्मी
सिम्मी

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