शहबाज शरीफ ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अभियान रोकने की घोषणा के लिए ट्रंप को धन्यवाद दिया
शहबाज शरीफ ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अभियान रोकने की घोषणा के लिए ट्रंप को धन्यवाद दिया
(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, छह मई (भाषा) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में अभियान रोकने की घोषणा करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति आभार व्यक्त किया।
शहबाज का बयान राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए जा रहे ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को निलंबित करने के कुछ घंटों बाद आया।
ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए समझौते को लेकर बातचीत में प्रगति हुई है।
दोनों देशों के बीच स्थायी शांति के लिए प्रयासरत शहबाज ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साहसिक नेतृत्व और होर्मुज जलडमरूमध्य में ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को रोकने के संबंध में समय पर की गई घोषणा के लिए उनका आभारी हूं।’’
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अन्य मित्र देशों, विशेष रूप से सऊदी अरब द्वारा किए गए अनुरोध पर राष्ट्रपति ट्रंप की उदार प्रतिक्रिया, इस संवेदनशील दौर में क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सुलह को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान संयम को बढ़ावा देने और संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान के सभी प्रयासों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि मौजूदा स्थिति में एक स्थायी समझौता होगा, जो क्षेत्र और उससे परे, स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करेगा।
इसके अलावा, शहबाज ने उम्मीद जताई कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता से स्थायी शांति स्थापित होगी। उन्होंने ये बातें इस्लामाबाद में आयोजित छठे अंतरराष्ट्रीय पैगाम-ए-इस्लाम सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं।
शहबाज ने पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ‘‘इन्हीं प्रयासों से दोनों पक्षों के बीच वार्ता के द्वार खुले।’’
उन्होंने विश्वास जताया कि यह वार्ता जल्द ही क्षेत्र में जानमाल के किसी और नुकसान के बिना स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करेगी।
अपने संबोधन में शहबाज ने पाकिस्तान आने के लिए अमेरिका और ईरान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में भूमिका निभाने के लिए सऊदी अरब, चीन और तुर्किये का भी आभार जताया।
भाषा संतोष पारुल
पारुल

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