Sheikh Hasina Reaction: फांसी की सजा मिलने के बाद आई बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री की पहली प्रतिक्रिया, बांग्लादेशी कोर्ट के फैसले को बताया पक्षपाती और अलोकतांत्रिक

Sheikh Hasina Reaction: फांसी की सजा मिलने के बाद आई बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री की पहली प्रतिक्रिया, बांग्लादेशी कोर्ट के फैसले को बताया पक्षपाती और अलोकतांत्रिक

Sheikh Hasina Reaction: फांसी की सजा मिलने के बाद आई बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री की पहली प्रतिक्रिया, बांग्लादेशी कोर्ट के फैसले को बताया पक्षपाती और अलोकतांत्रिक

Sheikh Hasina Reaction / Image Source: IBC24

Modified Date: November 17, 2025 / 05:13 pm IST
Published Date: November 17, 2025 4:36 pm IST
HIGHLIGHTS
  • शेख हसीना ने ICT के फैसले को पक्षपाती और राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित बताया
  • उन्होंने मोहम्मद यूनुस सरकार पर अराजकता और अल्पसंख्यकों पर हमले का आरोप लगाया
  • ढाका में हिंसक घटनाओं के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई का आदेश दिया

नई दिल्ली: Sheikh Hasina Reaction बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा सुनाए गए फैसले पर अपनी पहली प्रतिक्रियां दी है। उन्होंने फैसले को नकारते हुए “धांधली से स्थापित एक पक्षपातपूर्ण और अलोकतांत्रिक ट्रिब्यूनल” का फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि ट्रिब्यूनल एक ऐसी अंतरिम सरकार चला रही है जिसका कोई लोकतांत्रिक जनादेश नहीं है। उन्होंने फैसले को पक्षपाती और राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित बताते हुए कहा है कि मेरे लिए फांसी की घृणित मांग करके वे यह साफ दिखा रहे हैं कि अंतरिम सरकार के भीतर मौजूद उग्रवादी तत्व किस तरह से बांग्लादेश की अंतिम निर्वाचित प्रधानमंत्री को हटाना चाहते हैं और अवामी लीग को एक राजनीतिक शक्ति के रूप में समाप्त करना चाहते हैं।

Sheikh Hasina Reaction फैसले को लेकर शेख हसीना ने कहा कि डॉ. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की अव्यवस्थित, हिंसक और सामाजिक रूप से प्रतिगामी कार्यशैली से जूझ रहे लाखों बांग्लादेशी इन ‘नाटकीय’ मुकदमों से भ्रमित नहीं होंगे। उनके अनुसार, ICT के ट्रायल न तो न्याय दिलाने के लिए थे और न ही जुलाई–अगस्त 2025 की घटनाओं की सच्चाई सामने लाने के लिए। बल्कि, उनका मकसद अवामी लीग को बलि का बकरा बनाना और अंतरिम सरकार की विफलताओं से दुनिया का ध्यान हटाना था, ऐसी नाकामियां, जिन्हें यूनुस और उनके मंत्रियों की अक्षमता ने और बढ़ाया है।

फैसले पर शेख हसीना का पहला बयान

शेख हसीना ने ये भी कहा कि “मोहम्मद यूनुस के शासन में, सार्वजनिक सेवाएं चरमरा गई हैं। देश में बढ़ते अपराध से पुलिस पीछे हट गई है और न्यायिक निष्पक्षता को नुकसान पहुंचा है। हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं और महिलाओं के अधिकारों का दमन किया जा रहा है। प्रशासन के अंदर मौजूद इस्लामी चरमपंथी, जिनमें हिज़्ब-उत-तहरीर के नेता भी शामिल हैं, बांग्लादेश की धर्मनिरपेक्ष सरकार की लंबी परंपरा को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।”

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आगजनी और विरोध प्रदर्शन

दरअसल लगातार 16 महीनों तक जारी अस्थिरता और तख्तापलट के बाद बांग्लादेश एक बार फिर हिंसा की चपेट में आ चुका है। रविवार की रात राजधानी ढाका में कई जगहों पर आगजनी, कॉकटेल ब्लास्ट, बसों में आग और मशाल जुलूस जैसी घटनाएं देखने को मिली। इसके कारण लोग दहशत में आ गए हैं। अब आलम ये है कि हालातों पर काबू पाने के लिए ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (DMP) आयुक्त शेख मोहम्मद सज्जाद अली ने हिंसा करने वालों को देखते ही गोली मारने का आदेश जारी कर दिया है। इन उथल-पुथल भरे हालातों के बीच देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ दर्ज हुए गंभीर मामलों पर आज अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण अपना फैसला सुनाया।

बता दें कि ढाका की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने पूर्व पीएम शेख हसीना को फांसी की सजा सुनाई है। मानवता के खिलाफ अपराध मामले में उन्हें सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने हत्या के लिए उकसाने और हत्या का आदेश देने में दोषी पाते हुए ये सजा सुनाई है।

 

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