2022 में ‘ओमिक्रॉन’ के सबसे अधिक मामले सामने आने की आशंका, सिंगापुर के विशेषज्ञों का दावा

Singaporean experts fear highest number of 'omicron' cases in 2022 सिंगापुर के विशेषज्ञों को 2022 में ‘ओमीक्रोन’ के सबसे अधिक मामले सामने आने की आशंका

2022 में ‘ओमिक्रॉन’ के सबसे अधिक मामले सामने आने की आशंका, सिंगापुर के विशेषज्ञों का दावा
Modified Date: November 29, 2022 / 07:55 pm IST
Published Date: December 24, 2021 11:27 am IST

सिंगापुर, 24 दिसंबर (भाषा) कोरोना वायरस के नए एवं अधिक संक्रामक स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के 2022 में सबसे अधिक मामले सामने आ सकते हैं। वहीं, वायरस के ‘डेल्टा’ स्वरूप की तुलना में यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को अधिक मात दे रहा है। सिंगापुर के विशेषज्ञों का ऐसा मानना है।

पढ़ें- नौका में लगी भीषण आग.. 36 लोगों की जलकर मौत.. 200 लोग झुलसे

हमारे 𝕎𝕙𝕒𝕥𝕤 𝕒𝕡𝕡 Group’s में शामिल होने के लिए यहां Click करें.

 ⁠

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोविड-19 वैश्विक महामारी को अगले साल खत्म करने के लिए विश्व से एक साथ आने का आह्वान किया है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक तेद्रोस अदहानोम ग्रेबेयेसस ने सोमवार को जिनेवा में पत्रकारों से कहा था, ‘‘ 2022 वह वर्ष होगा, जब हम वैश्विक महामारी को पूरी तरह खत्म कर देंगे।’’

पढ़ें- चोरी करने के बाद पसीजा चोरों का दिल.. सच्चाई पता चलने पर लौटा गए सामान, पर्ची छोड़कर मांगी माफी

इसके विपरीत, सिंगापुर के विशेषज्ञों का कहना है कि बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप कितना खतरनाक है। साथ ही उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कब खत्म होगी, इसका पूर्वानुमान लगाने की कोशिश करना ‘‘निरर्थक’’ है।

पढ़ें- जाने-माने फिल्मकार केएस सेतुमाधवन का निधन, फिल्म जगत में शोक की लहर

जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं एसोसिएट प्रोफेसर नताशा हॉवर्ड ने कहा, ‘‘ ऐसा प्रतीत होता है कि 2022 में विश्व में ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप के सबसे अधिक मामले सामने आएंगे।’’ उन्होंने कहा कि ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप अधिक संक्रामक है और ‘डेल्टा’ स्वरूप की तुलना में यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को अधिक मात दे रहा है।

पढ़ें- किसानों के 2 लाख तक का कर्ज माफ करने का ऐलान, पंजाब के सीएम का बड़ा तोहफा, 10-15 दिनों में खाते में जमा होगी राशि

हॉवर्ड ने कहा, ‘‘ ‘ओमीक्रोन’ के अधिक फैलने से, संक्रमण के मामले और अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। इसके प्रभाव अब भी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन इससे पता चलता है कि वैश्विक महामारी पर अभी तक काबू नहीं पाया गया है और कोविड-19 रोधी टीके लगवाने तथा उसकी ‘बूस्टर’ खुराक के विश्व में हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचने तक, नए स्वरूपों के सामने आने की आशंका बनी रहेगी।’’

 


लेखक के बारे में