महाभियोग प्रक्रिया के बीच इस्तीफा नहीं देंगे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामफोसा

महाभियोग प्रक्रिया के बीच इस्तीफा नहीं देंगे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामफोसा

महाभियोग प्रक्रिया के बीच इस्तीफा नहीं देंगे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामफोसा
Modified Date: May 12, 2026 / 10:24 am IST
Published Date: May 12, 2026 10:24 am IST

जोहानिसबर्ग, 12 मई (भाषा) दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने घोषणा की है कि वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे, जबकि संसद में उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू हो रही है। यह प्रक्रिया देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था के पूर्व के एक फैसले के बाद शुरू हुई है, जो 2020 में उनके फार्महाउस से बड़ी मात्रा में अघोषित अमेरिकी डॉलर चोरी होने की घटना से जुड़ा है।

सोमवार शाम को जब पूरा देश टीवी पर राष्ट्रपति के संबोधन का बेसब्री से इंतजार कर रहा था, तब दिन भर विश्लेषक और मीडिया इस बात पर अटकलें लगाते रहे कि रामफोसा त्यागपत्र देंगे या पद पर बने रहेंगे।

रामाफोसा ने अपने संबोधन में कहा, ‘कुछ हलकों से मेरे इस्तीफे की मांग की जा रही है, तो वहीं कुछ लोग इस्तीफा न देने का आग्रह भी कर रहे हैं। मैं सम्मानपूर्वक यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं इस्तीफा नहीं दूंगा।’

उन्होंने कहा, ‘ऐसा करना संविधान द्वारा निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी करना होगा। इस्तीफा देना उस पैनल की रिपोर्ट को मान्यता देने जैसा होगा जिसमें दुर्भाग्यवश गंभीर कमियां हैं। यह उस जिम्मेदारी से भागने जैसा होगा जो मैंने राष्ट्रपति के रूप में संभाली थी।’

रामफोसा ने कहा, ‘इस समय इस्तीफा देने का मतलब उन लोगों के आगे हार मान लेना होगा जो हमारे समाज के सुधार, संस्थाओं को फिर से खड़ा करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी कार्रवाई को रोकना चाहते हैं। मैं पूरी तरह से दक्षिण अफ्रीका की जनता की सेवा जारी रखने और उनके हितों की रक्षा करने का इरादा रखता हूं। अभी बहुत काम करना बाकी है।’

‘फाला फाला’ नाम से चर्चित यह मामला 2020 का है। जो उस निजी फार्म के नाम पर है जहां रामफोसा विदेशी नस्ल की गायों का पालन करते हैं। वहां से 58 करोड़ अमेरिकी डॉलर चोरी हो गए थे और यह राशि कथित तौर पर चमड़े के सोफे के अंदर छिपाई गई थी।

इस चोरी का पता दो साल बाद तब चला जब सुरक्षा विभाग के पूर्व प्रमुख आर्थर फ्रेजर ने रामफोसा के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराई। उन पर कानून के अनुसार इस राशि की घोषणा न करने और चोरी की सूचना पुलिस को न देने का आरोप है।

रामफोसा का दावा है कि यह पैसा एक सूडानी व्यवसायी को भैंस बेचने से मिला था।

इस प्रकरण के बाद एक स्वतंत्र पैनल (धारा 89) ने जांच की, जिसमें राष्ट्रपति द्वारा कानून के उल्लंघन के प्राथमिक साक्ष्य पाए गए। इसके चलते 2022 में उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू होने की स्थिति बन गई थी। हालांकि बाद में दक्षिण अफ्रीका के रिजर्व बैंक और ‘पब्लिक प्रोटेक्टर’ ने रामफोसा को कुछ कानूनी आरोपों से राहत दे दी थी।

उनका कहना था कि भैंसों की बिक्री की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, इसलिए रकम घोषित करना कानूनी रूप से जरूरी नहीं था।

भाषा सुमित शोभना

शोभना


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