दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी का आकलन: किम जोंग उन की किशोरवय बेटी हो सकती है उनकी उत्तराधिकारी
दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी का आकलन: किम जोंग उन की किशोरवय बेटी हो सकती है उनकी उत्तराधिकारी
सियोल, छह अप्रैल (एपी) दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी का कहना है कि अब उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की किशोरवय बेटी को उनकी उत्तराधिकारी के रूप में देखना उचित होगा।
यह किम जोंग उन की बेटी की बढ़ती राजनीतिक स्थिति पर अब तक का सबसे जोरदार आकलन है, जिसके बारे में एजेंसी का मानना है कि वह अपने परिवार के शासन को चौथी पीढ़ी तक बढ़ा सकती है।
सरकारी मीडिया द्वारा किम की ‘सबसे प्रिय’ या ‘सम्मानित’ संतान के बतायी जा रही यह लड़की, 2022 के अंत से अपने पिता के साथ कई हाई-प्रोफाइल कार्यक्रमों में शामिल हुई है, जिससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि उसे उत्तर कोरिया की भावी नेता के रूप में तैयार किया जा रहा है।
‘नेशनल असेंबली’ में हुई एक गुप्त बैठक के दौरान, दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय खुफिया सेवा के निदेशक ली जोंग-सीओक ने कहा कि लड़की को किम का उत्तराधिकारी माना जा सकता है। बैठक में शामिल सांसदों में से एक, ली सियोंग क्वोन के अनुसार, निदेशक ने यह बात लड़की की राजनीतिक स्थिति के बारे में सांसदों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में कही।
सांसद ली ने बैठक के दौरान बताया कि जब किम की बहन किम यो जोंग (जिन्हें लंबे समय से उत्तर कोरिया का दूसरा सबसे शक्तिशाली व्यक्ति माना जाता रहा है) की ओर से संभावित विरोध के बारे में पूछा गया, तो एनआईएस निदेशक ने जवाब दिया कि उनके पास कोई वास्तविक शक्तियां नहीं हैं। उन्होंने एनआईएस के हवाले से बताया कि यह जानकारी अघोषित ‘विश्वसनीय खुफिया सूचना’ पर आधारित है।
यह उस लड़की की स्थिति पर एनआईएस द्वारा किया गया अब तक का सबसे पुख्ता आकलन है। 2024 की शुरुआत में, एजेंसी ने उसे अपने पिता के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में वर्णित किया था, जो उत्तर कोरिया के अगले नेता के रूप में उसे तैयार किए जाने पर पहला आधिकारिक आकलन था। इस साल फरवरी में, एजेंसी ने कहा था कि उसका मानना है कि वह देश के भावी नेता के रूप में नामित होने के काफी करीब है।
हालांकि कुछ पर्यवेक्षक एनआईएस के आकलन से असहमत हैं। उनका कहना है कि उत्तर कोरिया का अत्यधिक पुरुष प्रधान समाज किसी महिला नेता को स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि 42 वर्षीय किम खुद इतने युवा हैं कि वह अपना उत्तराधिकारी नामित नहीं करेंगे, क्योंकि ऐसा होने से सत्ता पर उनकी पकड़ कमजोर हो सकती है।
एपी
राजकुमार दिलीप
दिलीप

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