श्रीलंका कोविड-19 से मरने वालों का दाह संस्कार करने के फैसले पर कायम : मंत्री

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श्रीलंका कोविड-19 से मरने वालों का दाह संस्कार करने के फैसले पर कायम : मंत्री

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  • Publish Date - January 7, 2021 / 12:37 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:23 PM IST

कोलंबो, सात जनवरी (भाषा) श्रीलंका की स्वास्थ्य मंत्री ने अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के कड़े विरोध के बावजूद बृहस्पतिवार को कहा कि विशेषज्ञ समिति की अनुशंसा के तहत देश में कोविड-19 से मरने वालों का केवल दाह संस्कार करने का फैसला कायम रहेगा।

उल्लेखनीय है कि श्रीलंका ने गत वर्ष अप्रैल में कानून में बदलाव कर कोविड-19 से मरने वालों के दाह संस्कार को अनिवार्य बना दिया था ताकि किसी संभावित संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने संक्रमितों के शवों को दफनाने की भी मंजूरी दी है।

स्वास्थ्य मंत्री पवित्रा वन्नियाराच्ची ने संसद में कहा कि समिति की रिपोर्ट के मुताबिक दाह संस्कार शवों के निस्तारण का आदर्श तरीका है।

उन्होंने कहा, ‘‘किसी जातीय या समुदाय की मांगों पर विचार कर समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिए गए फैसले से हटने की कोई मंशा नहीं है।’’

पवित्रा ने यह जानकारी विपक्षी सांसद गजेंद्र कुमार पोन्नाम्बलन के सवाल के जवाब में दी। गजेंद्र ने रेखांकित किया था कि विषाणु विशेषज्ञों ने सत्यापित किया है कि संक्रमितों के शवों को दफनाने से कोरोना वायरस नहीं फैलता है।

उल्लेखनीय है कि मुस्लिम समूह अपने समुदाय के व्यक्ति की कोविड-19 की वजह से मौत होने पर उनके धार्मिक विश्वास के विपरीत जबरन दाह संस्कार कराने का विरोध कर रहे हैं। इस्लाम एवं यहूदी धर्म में शव के दाह संस्कार करने की मनाही है।

भाषा धीरज अविनाश

अविनाश