श्रीलंका के न्यायाधीश भारत में क्षमता-विकास कार्यक्रम में शामिल हुए
श्रीलंका के न्यायाधीश भारत में क्षमता-विकास कार्यक्रम में शामिल हुए
कोलंबो, 21 जनवरी (भाषा) श्रीलंका के तीस जिला न्यायाधीश, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुए। भारतीय दूतावास ने बुधवार को यहां यह जानकारी दी।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम श्रीलंका के सर्वोच्च न्यायालय और श्रीलंका न्यायाधीश संस्थान के अनुरोध पर शुरू किया गया था।
भारतीय उच्चायोग के एक बयान के अनुसार, भोपाल स्थित भारतीय राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी में 12 से 16 जनवरी तक आयोजित कार्यक्रम में न्यायिक कामकाज के प्रमुख क्षेत्रों को कवर करने वाले 11 विषयगत सत्र शामिल थे।
इन सत्रों में किशोर न्याय, धनशोधन से निपटने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप, सजा निर्धारण की प्रक्रिया और उससे जुड़ी चुनौतियां, पर्यावरण कानून से संबंधित न्यायिक दृष्टांत, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और साइबर अपराध, तथा न्यायिक तनाव प्रबंधन और कल्याण जैसे विषय शामिल थे।
बयान में कहा गया है, ‘‘इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से सांची की एक यात्रा सहित शैक्षिक यात्राएं शामिल हैं।’’
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अप्रैल 2025 में श्रीलंका की राजकीय यात्रा के दौरान घोषित उन्नत क्षमता निर्माण ढांचे के तहत आयोजित किया गया।
इससे पहले, भारतीय राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भोपाल ने 15 से 19 दिसंबर, 2025 तक इसी तरह का ज्ञान आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया था।
भारतीय उच्चायोग ने कहा कि भारत के राष्ट्रीय सुशासन केंद्र और श्रीलंका विकास प्रशासन संस्थान के बीच हुए समझौता ज्ञापन के तहत सालाना लगभग 300 श्रीलंकाई सिविल सेवा अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे भारत के इस उन्नत क्षमता निर्माण प्रयास का लाभ अब प्रतिवर्ष 1,000 श्रीलंकाई नागरिकों को मिल रहा है।
भाषा तान्या सुरेश
सुरेश


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