वाल्मीकि रामायण का अनुवाद करने वाले कवि की 213वीं जयंती नेपाल में मनाई गई

वाल्मीकि रामायण का अनुवाद करने वाले कवि की 213वीं जयंती नेपाल में मनाई गई

वाल्मीकि रामायण का अनुवाद करने वाले कवि की 213वीं जयंती नेपाल में मनाई गई
Modified Date: July 13, 2026 / 05:30 pm IST
Published Date: July 13, 2026 5:30 pm IST

(शिरीष बी प्रधान)

काठमांडू, 13 जुलाई (भाषा) नेपाल ने 19वीं सदी के कवि भानुभक्त आचार्य की जयंती सोमवार को विभिन्न आयोजनों के साथ मनाई। भानुभक्त ने वाल्मीकि रामायण का नेपाली भाषा में अनुवाद किया था।

भानुभक्त आचार्य को नेपाली भाषा के पहले कवि के रूप में व्यापक रूप से सम्मान दिया जाता है।

कवि की 213वीं जयंती के अवसर पर भानु प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रतिनिधि सभा के स्पीकर डोल कुमार आर्याल ने उन्हें नेपाली भाषा, साहित्य और संस्कृति का अग्रदूत बताया। आर्याल ने कहा कि रामायण का नेपाली भाषा में अनुवाद करके उन्होंने नेपाल के लोगों को धर्म, दर्शन, नीति और विचारधारा से परिचित कराया।

उन्होंने कहा, ‘भानुभक्त ने हमें रामायण दी और इसके माध्यम से नेपाली साहित्य को एक ऐसा महाकाव्य मिला, जो आज भी पीढ़ियों को प्रेरित कर रहा है।’

एक अन्य कार्यक्रम में विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि जहां राजा पृथ्वी नारायण शाह ने नेपाल के भू-भाग को एकजुट किया, वहीं भानुभक्त आचार्य ने भाषा और साहित्य के माध्यम से इसके लोगों को एक सूत्र में बांधा।

भाषा अमित सुरेश

सुरेश


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