वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों के संदर्भ में विश्वभर के नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई

वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों के संदर्भ में विश्वभर के नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई

वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों के संदर्भ में विश्वभर के नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई
Modified Date: January 4, 2026 / 12:54 am IST
Published Date: January 4, 2026 12:54 am IST

लंदन/मास्को, तीन जनवरी (भाषा) वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के पकड़े जाने के संबंध में शनिवार को वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ देशों ने इस घटनाक्रम को लेकर जहां चिंता जताते हुए संयम बरतने की अपील की, वहीं कुछ नेताओं ने वाशिंगटन के इस कदम का समर्थन किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, राजधानी काराकस पर बड़े पैमाने पर किए गए अमेरिकी हमले के दौरान मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ा गया और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है, जहां उन्हें मुकादमों का सामना करना होगा।

अमेरिकी हमले और मादुरो के पकड़े जाने की रूस और चीन सहित कई प्रमुख वैश्विक शक्तियों ने कड़ी आलोचना की।

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रूसी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से “अपनी कार्यवाही पर पुनर्विचार करने” और “एक संप्रभु देश के वैध रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को छोड़ देने” का आग्रह किया।

मंत्रालय ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, ‘अमेरिका और वेनेजुएला के बीच मौजूद किसी भी मुद्दे का समाधान संवाद के जरिये किया जाना चाहिए।’

चीन ने अमेरिकी हवाई हमलों की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन तथा “आधिपत्यवादी कृत्य” करार दिया।

चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘वह एक संप्रभु देश और उसके राष्ट्रपति के खिलाफ अमेरिका द्वारा बल प्रयोग किए जाने के कृत्य से “गंभीर रूप से स्तब्ध” है और इसका कड़ा विरोध करता है।’

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने इन घटनाओं को निंदा की और कहा कि यह वेनेजुएला की संप्रभुता पर अब तक का सबसे गंभीर प्रहार है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष एक “बेहद खतरनाक उदाहरण” है।

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने कहा कि यूरोपीय संघ स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने तथा संयुक्त राष्ट्र के घोषणा पत्र का सम्मान करने का आग्रह किया।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि उनका देश इस अमेरिकी कार्रवाई में शामिल नहीं था और वह राष्ट्रपति ट्रंप से इस बारे में और जानकारी लेंगे।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन किया जाना चाहिए, लेकिन पहले तथ्यों को स्पष्ट करना जरूरी है।

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने तनाव कम करने और जिम्मेदारीपूर्ण रवैये की अपील करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के घोषणा पत्र के सिद्धांतों का सम्मान किया जाना चाहिए।

इस बीच, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली ने इस घटनाक्रम का समर्थन किया। माइली को ट्रंप का सहयोगी माना जाता है।

भाषा

राखी सुरेश

सुरेश


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