ट्रंप प्रशासन की नयी रक्षा रणनीति में सहयोगियों को अपनी सुरक्षा का जिम्मा खुद लेने को कहा गया

ट्रंप प्रशासन की नयी रक्षा रणनीति में सहयोगियों को अपनी सुरक्षा का जिम्मा खुद लेने को कहा गया

ट्रंप प्रशासन की नयी रक्षा रणनीति में सहयोगियों को अपनी सुरक्षा का जिम्मा खुद लेने को कहा गया
Modified Date: January 24, 2026 / 10:39 am IST
Published Date: January 24, 2026 10:39 am IST

वाशिंगटन, 24 जनवरी (एपी) अमेरिका के रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन ने शुक्रवार देर रात प्राथमिकताओं में बदलाव को दर्शाने वाली नयी राष्ट्रीय रक्षा रणनीति जारी की, जिसमें अमेरिका के सहयोगी देशों को अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद संभालने को कहा गया।

इस प्रकार का 34 पन्नों का दस्तावेज 2022 के बाद पहली बार जारी किया गया है। यह एक सैन्य नीति दस्तावेज होने के बावजूद काफी राजनीतिक है। इसमें यूरोप से लेकर एशिया तक के साझेदार देशों की आलोचना की गई है कि वे अपनी रक्षा के लिए पूर्व अमेरिकी सरकारों पर निर्भर रहे। दस्तावेज में ‘‘दृष्टिकोण, फोकस और लहजे में तीव्र बदलाव’’ की बात कही गई है, जिसका मतलब है कि रूस से लेकर उत्तर कोरिया तक के खतरों से निपटने का ज्यादा बोझ अब सहयोगी देशों को उठाना होगा।

यह दस्तावेज ऐसे समय आया है जब ट्रंप प्रशासन और यूरोप जैसे उसके पारंपरिक सहयोगियों के बीच तनाव है। इसमें रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के विभाग द्वारा ग्रीनलैंड और पनामा नहर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक अमेरिकी सैन्य और व्यावसायिक पहुंच सुनिश्चित करने के ‘‘विश्वसनीय विकल्प’’ देने की बात कही गई है।

चीन के संदर्भ में दस्तावेज कहता है कि उद्देश्य चीन पर प्रभुत्व जमाना या उसे अपमानित करना नहीं है, बल्कि उसे अमेरिका और उसके सहयोगियों पर हावी होने से रोकना है। इसमें ताइवान का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है, जबकि 2022 की रणनीति में ताइवान की आत्मरक्षा के समर्थन की बात कही गई थी।

यूरोप के बारे में कहा गया है कि रूस उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के पूर्वी सदस्यों के लिए खतरा बना रहेगा, लेकिन नाटो सहयोगी यूरोप की पारंपरिक रक्षा की मुख्य जिम्मेदारी खुद संभालने में सक्षम हैं। अमेरिका पहले ही यूक्रेन सीमा के पास नाटो क्षेत्रों से अपने सैनिकों की संख्या घटाने की पुष्टि कर चुका है।

एपी गोला सिम्मी

सिम्मी


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