अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे को धमकियां दीं

अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे को धमकियां दीं

अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे को धमकियां दीं
Modified Date: July 11, 2026 / 09:18 pm IST
Published Date: July 11, 2026 9:18 pm IST

दुबई, 11 जुलाई (एपी) युद्ध समाप्त करने के लिए हुआ अंतरिम समझौता क्षेत्र में बार-बार हो रहे हमलों के कारण कमजोर पड़ने के बीच शनिवार को अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे को धमकियां दीं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर बड़े मिसाइल हमले की धमकी दी। ट्रंप की इस टिप्पणी से पहले अमेरिका ने ईरान से सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करने की मांग की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले पोतों पर अब हमले नहीं किए जाएंगे।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान ट्रंप की हत्या का खुले तौर पर आह्वान किए जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ टिप्पणियां कीं।

ट्रंप की धमकी के बाद शनिवार को ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने संकल्प जताया कि ईरानी उनके पिता अली खामेनेई की मौत का बदला लेकर रहेंगे। सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित अपने बयान में उन्होंने कहा कि इस तरह का बदला लेना ‘‘हमारे देश की इच्छा है और इसे निश्चित रूप से पूरा किया जाना चाहिए।’’

अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में मारे गए अयातुल्ला अली खामेनेई को हाल ही में सुपुर्द-ए-खाक किया गया है।

इस बीच, तेहरान ने अब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कोई घोषणा नहीं की है। इसके बजाय उसने कहा है कि यह समुद्री मार्ग उसके नियंत्रण में रहना चाहिए और वहां से गुजरने वाले पोतों से उसे शुल्क वसूलने की अनुमति मिलनी चाहिए। ईरान का यह रुख होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग मानने की दशकों पुरानी व्यवस्था के विपरीत है।

अमेरिका कुछ दिनों से ईरान को निशाना बनाकर फिर से हवाई हमले कर रहा है, जिसके जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया के कई देशों पर हमले किए हैं।

ये हमले इस सप्ताह की शुरुआत में होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन पोतों पर ईरान के हमले के बाद शुरू हुए थे।

‘ट्रुथ सोशल’ पर शुक्रवार को ट्रंप ने संघर्ष विराम खत्म होने की घोषणा की लेकिन कहा कि अमेरिका बातचीत जारी रखेगा।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शनिवार को वार्ता आगे बढ़ाने के लिए ओमान गए। इससे एक दिन पहले, क्षेत्रीय हमलों के बीच कतर के मध्यस्थ अधिकारियों से मिलने के लिए ईरान गए थे।

ट्रंप ने अपनी वेबसाइट ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘‘एक हजार मिसाइलें तैयार हैं और उनका निशाना ईरान है। अगर ईरान सरकार अपनी धमकी पर अमल करती है, तो इसके तुरंत बाद हजारों और मिसाइलें दागी जाएंगी।’’

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ‘‘ईरान के सभी क्षेत्रों को पूरी तरह तबाह और नष्ट कर देगी- अल्लाह का शुक्र है!’’

ट्रंप ने युद्ध और उसके बाद कायम अस्थिर युद्धविराम के दौरान कई बार अरबी में ईश्वर का नाम लिया है। उन्होंने ईरान की सभ्यता को नष्ट करने की धमकी भी दी है।

देशव्यापी अधिकार संगठन ‘काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस’ ने पहले ट्रंप पर ‘‘इस्लाम का विकृत तरीके से मजाक उड़ाने’’ का आरोप लगाते हुए उनकी आलोचना की थी।

एपी

शफीक दिलीप

दिलीप


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