संयुक्त राष्ट्र, 23 सितंबर (एपी) यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अपने अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की और विश्वास जताया कि व्हाइट हाउस उनके देश पर पिछले साढ़े चार साल से जारी रूसी हमले को समाप्त करने में मदद कर सकता है।
जेलेंस्की और ट्रंप की यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब यूक्रेन और रूस दोनों की ओर से हमलों में लगातार तेजी आ रही है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) से इतर मंगलवार को ट्रंप के साथ मौजूद जेलेंस्की ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि हम इस युद्ध को समाप्त करेंगे, और राष्ट्रपति ट्रंप इस युद्ध को खत्म करने में हमारी मदद करेंगे।’’
यह महत्वपूर्ण मुलाकात तब हुई जब रूस की कई मिसाइल और ड्रोन ने रातभर में यूक्रेन के कम से कम चार क्षेत्रों को निशाना बनाया, जिसमें अधिकारियों के अनुसार पांच लोगों की मौत हो गई।
दूसरी ओर, जेलेंस्की ने भी बताया कि यूक्रेन के लंबी दूरी के हमलों में दो और रूसी तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुंचा है।
ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में इन हमलों को ‘‘रूसियों पर एक गंभीर चोट’’ बताया, लेकिन साथ ही आगाह किया कि इससे डीजल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने पहले जेलेंस्की से रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने का आग्रह किया था, क्योंकि ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आपूर्ति पहले ही प्रभावित है।
वर्ष 2024 के चुनाव अभियान के दौरान ट्रंप ने दावा किया था कि वह बेहद कम समय में इस युद्ध को रुकवा सकते हैं। मंगलवार को उन्होंने फिर दोहराया, ‘‘मुझे लगता है कि हम लड़ाई को शांत करने के लिए एक समझौता करने जा रहे हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस बारे में राष्ट्रपति पुतिन सहित कई लोगों से काफी बात की है और मुझे लगता है कि कुछ (सकारात्मक) होने वाला है।’’
दिसंबर में फ्लोरिडा में होने वाले आगामी जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान जेलेंस्की, पुतिन और ट्रंप के बीच संभावित बैठक को लेकर ट्रंप ने कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई।
वहीं, जेलेंस्की ने कहा कि वह दोनों नेताओं के साथ बैठने के लिए तैयार हैं, लेकिन पुतिन शायद ऐसी बैठक से पीछे हट सकते हैं क्योंकि वह वास्तव में युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हैं।
जेलेंस्की ने यह भी उल्लेख किया कि यूक्रेन अपनी रक्षा के लिए अमेरिका से अधिक ‘पैट्रियट’ वायु रक्षा प्रणालियों की मांग कर रहा है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिला है।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में अमेरिकी और सहयोगी ठिकानों पर ईरानी हमलों को विफल करने में बड़ी संख्या में पैट्रियट मिसाइलें खर्च होने के कारण अमेरिका खुद इनकी वैश्विक कमी से जूझ रहा है।
एपी मनीषा संतोष
संतोष