(Small Savings Interest Rates/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Small Savings Interest Rates: छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वाले करोड़ों लोगों की नजर अब 30 सितंबर 2026 के फैसले पर टिकी है। सरकार इस दिन वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर 2026 के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स (Small Savings Interest Rates) की ब्याज दरों की समीक्षा कर सकती है। इनमें पब्लिक प्रोविडेंड फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना और किसान विकास पत्र (KVP) जैसी लोकप्रिय योजनाएं शामिल हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि त्योहारी सीजन से पहले सरकार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकती है।
सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों (Small Savings Interest Rates) की समीक्षा हर तीन महीने में करती है। पिछली समीक्षा 30 जून 2026 को हुई थी, जिसमें जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। अब अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए नई दरों का ऐलान 30 सितंबर को होने की उम्मीद है।
स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों का संबंध सरकारी बॉन्ड की यील्ड से होता है। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के चीफ इकोनॉमिस्ट के अनुसार, जून के अंत के बाद लंबी अवधि वाली सरकारी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हुई है। 30 जून 2026 को 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड करीब 6.74% थी, जो 22 सितंबर तक बढ़कर लगभग 7.05% हो गई। यानी करीब 31 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में बाजार में दरों को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।
फिलहाल सुकन्या समृद्धि योजना और सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (Small Savings Interest Rates) पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) की दर 7.7%, किसान विकास पत्र (KVP) की 7.5% और PPF की ब्याज दर 7.1% है। अगर सरकार इनमें बदलाव करती है तो इसका असर नए निवेश और लंबी अवधि के रिटर्न पर पड़ सकता है। खासकर PPF और सुकन्या समृद्धि जैसी योजनाओं में छोटी ब्याज दर भी लंबे समय में कंपाउंडिंग के कारण रिटर्न में अंतर देखने को मिल सकता है। वहीं, KVP की दर बढ़ने पर निवेश की रकम दोगुनी होने में लगने वाला समय कम हो सकता है।