ट्रंप ने ओंटारियो झील का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने का विचार रखा, कनाडा में विरोध

ट्रंप ने ओंटारियो झील का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने का विचार रखा, कनाडा में विरोध

ट्रंप ने ओंटारियो झील का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने का विचार रखा, कनाडा में विरोध
Modified Date: August 26, 2026 / 11:33 am IST
Published Date: August 26, 2026 11:33 am IST

विंडसर, 26 अगस्त (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के साथ व्यापार युद्ध के तेज होने के बीच ओंटारियो झील का नाम बदलकर ‘‘लेक अमेरिका’’ करने का विचार रखा है, जिस पर कनाडा में तीखी प्रतिक्रिया जताई गई है।

डेट्रॉयट नदी के किनारे टहल रहीं ओंटारियो की निवासी पेट्रीशिया वाइजमैन ने कहा, ‘‘वह (ट्रंप) जितना चाहे अपनी बात कह सकते हैं, लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा, क्योंकि कनाडाई मजबूत हैं।’’

अमेरिकी सरकार भौगोलिक स्थानों और स्थलों को किस नाम से मान्यता देती है, इस बारे में ट्रंप के पास काफी अधिकार हैं, लेकिन वह कनाडा या सीमा के दोनों ओर के नागरिकों को अपनी पसंद के नाम का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।

ट्रंप का यह नया नामकरण प्रस्ताव उनके उस कदम की याद दिलाता है, जिसके तहत उन्होंने मैक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर ‘‘गल्फ ऑफ अमेरिका’’ करने की पहल की थी।

ट्रंप ने सोमवार को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी द्वारा अमेरिका से होने वाले आयात पर जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा से कुछ घंटे पहले ग्रेट लेक्स के सबसे पूर्वी हिस्से का नाम बदलने का विचार रखा।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘‘अमेरिका ओंटारियो झील का नाम बदलकर लेक अमेरिका करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है, क्योंकि अब हमें ओंटारियो के साथ ज्यादा कारोबार होने की उम्मीद नहीं है।’’

व्हाइट हाउस ने बाद में सोशल मीडिया पर अमेरिका का एक ‘लेगो नक्शा’ पोस्ट किया, जिसमें मैक्सिको की खाड़ी को ट्रंप की पसंद के नाम ‘‘गल्फ ऑफ अमेरिका’’ से दर्शाया गया था।

अमेरिका-कनाडा की आधिकारिक सीमा ओंटारियो झील के उत्तरी और दक्षिणी तटों के बीच पानी से होकर गुजरती है। यह झील न्यूयॉर्क राज्य की तटरेखा का बड़ा हिस्सा बनाती है और बफेलो को कनाडा के सबसे अधिक आबादी वाले शहर तथा ओंटारियो प्रांत की राजधानी टोरंटो से अलग करती है।

ओंटारियो झील का नाम ह्यूरॉन मूलनिवासी समुदाय के शब्द ‘‘ओनियातारियो’’ से निकला है, जिसका अर्थ ‘‘चमकते पानी की झील’’ है। यह नाम इस क्षेत्र में यूरोपीय लोगों के बसने से भी पहले से प्रचलित है। 1867 में स्थापित ओंटारियो प्रांत का नाम भी इसी झील से लिया गया।

ओंटारियो की निवासी नैन्सी मिनार्ड ने कहा, ‘‘यह इतने लंबे समय से ऐसा ही है, तो इसे बदलने की जरूरत क्यों है? यह कनाडा के लिए ठीक है और मुझे लगता है कि अमेरिका के लिए भी ठीक है।’’

एपी मनीषा वैभव

वैभव


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