ट्रंप ने जर्मनी में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी घटाने की धमकी फिर दी

ट्रंप ने जर्मनी में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी घटाने की धमकी फिर दी

ट्रंप ने जर्मनी में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी घटाने की धमकी फिर दी
Modified Date: April 30, 2026 / 07:34 pm IST
Published Date: April 30, 2026 7:34 pm IST

मंस्टर, 30 अप्रैल (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर धमकी दी है कि अमेरिका जर्मनी में अपनी सैन्य मौजूदगी कम कर सकता है। जर्मनी उत्तर एटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का एक प्रमुख सहयोगी और यूरोपीय संघ (ईयू) की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।

ट्रंप ने बुधवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका जर्मनी में सैनिकों की संख्या घटाने की संभावनाओं का अध्ययन कर रहा है और इस सिलसिले में जल्द फैसला लिया जाएगा।

उनकी यह धमकी जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की इस टिप्पणी के बाद आई है कि ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका के कूटनीतिक प्रयास बेहद सुस्त रहे हैं और वाशिंगटन को तेहरान से “अपमान” का सामना करना पड़ रहा है।

ट्रंप राष्ट्रपति पद संभालने के बाद से ही जर्मनी में अमेरिका की सैन्य उपस्थिति घटाने के संकेत देते रहे हैं। उन्होंने कहा है कि भविष्य में यूरोप को अपनी और यूक्रेन की सुरक्षा का ध्यान खुद रखना पड़ सकता है। हाल में ट्रंप ने ईरान युद्ध में अमेरिका की मदद करने से इनकार करने के लिए यूरोपीय देशों और नाटो की लगातार आलोचना की है।

यूरोप में आम तौर पर 80,000 से 1,00,000 अमेरिकी सैनिक हर समय तैनात रहते हैं। जर्मनी में अमेरिका के कई अहम सैन्य प्रतिष्ठान हैं, जिनमें उसकी यूरोपीय और अफ्रीकी कमान के मुख्यालय, रामस्टीन वायुसैनिक अड्डा और लैंडस्टुहल स्थित चिकित्सा केंद्र शामिल है, जहां अफगानिस्तान और इराक के खिलाफ अमेरिका के युद्ध में घायल हुए लोगों का इलाज किया जाता रहा है। देश में अमेरिका के कई परमाणु मिसाइलें भी तैनात की गई हैं।

लंदन स्थित ‘रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट’ में यूरोपीय सुरक्षा विशेषज्ञ एड अर्नोल्ड ने कहा कि अमेरिका को जर्मनी में अपनी सैन्य उपस्थिति से बहुत कुछ मिलता है, जिसमें आपूर्ति शृंखला संबंधी सहयोग और पश्चिम एशिया में युद्ध अभियानों के लिए समर्थन, ऐसे में उसके जर्मनी में अपनी सैन्य उपस्थिति घटाने की संभावना नहीं है।

अर्नोल्ड ने कहा, “सैन्य दृष्टिकोण और राजनीतिक दृष्टिकोण में अंतर है। ऐसी धमकियां अब उतना परेशान नहीं करतीं, जितना कुछ साल पहले करती थीं।”

नाटो और जर्मन सरकार ने ट्रंप की ताजा धमकी पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

एपी पारुल नरेश

नरेश


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