सऊदी अरब को परमाणु समझौते के लिए इजराइल से संबंध सामान्य करने होंगे : ट्रंप
सऊदी अरब को परमाणु समझौते के लिए इजराइल से संबंध सामान्य करने होंगे : ट्रंप
वाशिंगटन, 23 जुलाई (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को कहा कि सऊदी अरब के साथ होने वाले असैन्य परमाणु समझौते के तहत यह आवश्यक है कि पश्चिम एशियाई देश ‘अब्राहम संधि’ के अनुसार इजराइल के साथ अपने रिश्ते सामान्य करे।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में राष्ट्रपति ने कहा कि इस समझौते में यूरेनियम संवर्धन की अनुमति नहीं है। हालांकि, परमाणु अप्रसार समर्थकों ने इस प्रस्तावित समझौते पर चिंता जताते हुए कहा कि इसमें परमाणु सामग्री को हथियार बनाने लायक स्तर तक संवर्धन को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं है।
ट्रंप की पोस्ट में कहा गया कि समझौते को ‘‘मंजूरी तो मिल जाएगी, लेकिन यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि सऊदी अरब बहुत सम्मानित और सफल अब्राहम संधि में शामिल हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका असैन्य (गैर-संवर्धित) परमाणु सुविधाओं के खिलाफ नहीं है।’’
सऊदी अरब ने स्पष्ट कर दिया है कि इजराइल के साथ संबंध सामान्य करने के लिए पहले फलस्तीनी राष्ट्र के गठन का स्पष्ट रास्ता बनाना जरूरी होगा। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फलस्तीनी राष्ट्र के विचार को खारिज कर दिया है।
ट्रंप ने 2020 की अब्राहम संधि को आगे बढ़ाने की कोशिश की है, जिससे इजराइल के साथ राजनयिक संबंध रखने वाले अरब देशों की संख्या बढ़ी थी।
एक अधिकारी ने पहचान गुप्त रखते हुए बताया कि यह समझौता 30 साल के लिए हो सकता है और इसके तहत परमाणु विकास में अमेरिकी कंपनियां शामिल होंगी। उन्होंने बताया कि करार के तहत अमेरिका और सऊदी अरब के संयुक्त अध्ययन के बाद सऊदी अरब में यूरेनियम संवर्धन सुविधा स्थापित की जा सकेगी।
इस समझौते को समीक्षा के लिए कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के सामने पेश किए जाने की उम्मीद है।
इस फैसले की जानकारी रखने वाले एक दूसरे व्यक्ति के अनुसार, इस समझौते में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी का ‘अतिरिक्त प्रोटोकॉल’ शामिल नहीं है, जो ज़्यादा निगरानी, निरीक्षण और सत्यापन की सुविधा देता है।
एपी धीरज नरेश
नरेश

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