Sonam Raghuvanshi Bail Cancelled: राजा के क़त्ल की आरोपी सोनम पर SC का बड़ा फैसला.. तीन हफ्ते के भीतर करना होगा ये काम, लेकिन क्यों कहा, ट्रायल पर पड़ सकता है असर?

Sonam Raghuvanshi Bail Cancelled: सुप्रीम कोर्ट ने राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर तीन सप्ताह में सरेंडर का आदेश दिया।

Sonam Raghuvanshi Bail Cancelled: राजा के क़त्ल की आरोपी सोनम पर SC का बड़ा फैसला.. तीन हफ्ते के भीतर करना होगा ये काम, लेकिन क्यों कहा, ट्रायल पर पड़ सकता है असर?

Sonam Raghuvanshi Bail Cancelled || Image- AI Generated File

Modified Date: July 23, 2026 / 06:59 pm IST
Published Date: July 23, 2026 6:58 pm IST
HIGHLIGHTS
  • सुप्रीम कोर्ट ने सोनम की जमानत रद्द की।
  • तीन सप्ताह में सरेंडर करने का आदेश।
  • छह माह में ट्रायल नहीं हुआ तो फिर जमानत याचिका संभव।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिले जमानत को रद्द कर दिया है। (Sonam Raghuvanshi Bail Cancelled) अदालत ने कहा कि अगर वह जमानत पर बाहर रहती हैं तो इससे मामले के ट्रायल पर असर पड़ सकता है।

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3 सप्ताह में करना होगा सरेंडर

न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और पी.बी. वराले की पीठ ने मेघालय हाईकोर्ट के 29 जून के जमानत आदेश को निरस्त करते हुए सोनम रघुवंशी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि मुकदमे का ट्रायल छह महीने के भीतर पूरा नहीं होता, तो सोनम ट्रायल कोर्ट में दोबारा जमानत के लिए आवेदन कर सकती हैं। मेघालय सरकार की अपील स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में आरोपी का जमानत पर रहना चल रही सुनवाई में मुश्किल पैदा कर सकता है। (Sonam Raghuvanshi Bail Cancelled) राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि मामले में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और अब आरोप तय किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

क्या है मामला?

सोनम रघुवंशी पर आरोप है कि उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर मई 2025 में मेघालय में हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची। इस मामले में उन्हें 9 जून 2025 को गिरफ्तार किया गया था।

हाईकोर्ट ने किन आधारों पर दी थी जमानत?

मेघालय हाईकोर्ट ने यह कहते हुए जमानत दी थी कि गिरफ्तारी के समय कानूनी प्रक्रिया में कुछ गलतियां थीं। (Sonam Raghuvanshi Bail Cancelled) अदालत ने कहा था कि गिरफ्तारी के आधार स्पष्ट रूप से नहीं बताए गए और गिरफ्तारी मेमो में BNS की धारा 103 (हत्या) की जगह धारा 403 का उल्लेख किया गया था। सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि धारा 403 का उल्लेख केवल टाइपिंग की त्रुटि थी और गिरफ्तारी के आधार आरोपी को बताए गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि इसका उल्लेख उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में ट्रांजिट रिमांड देने वाले मजिस्ट्रेट के रिकॉर्ड में मौजूद है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य की इस दलील से सहमति जताते हुए कहा कि यह सुधारी जा सकने वाली प्रक्रिया संबंधी त्रुटि है और केवल इसी आधार पर जमानत देना उचित नहीं था।

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माँ को पूरी उम्मीद, बेटे को मिलेगा पूरा न्याय

सुप्रीम कोर्ट द्वारा सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द किए जाने के बाद राजा रघुवंशी के परिजनों ने फैसले का स्वागत किया है। राजा की मां उमा रघुवंशी ने कहा कि इस निर्णय से उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है। उमा रघुवंशी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उन्हें बहुत राहत मिली है। उन्होंने कहा, “मैं बहुत खुश हूं। आज मुझे लग रहा है कि मेरे बेटे को इंसाफ मिला है और सच की जीत हुई है। (Sonam Raghuvanshi Bail Cancelled) एक मां का विश्वास फिर से जाग गया है। सजा अभी बाकी है, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि मेरे बेटे को पूरा न्याय मिलेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा विश्वास है और उनका बेटा निर्दोष था।

भाई ने मेघालय सरकार का जताया आभार

राजा रघुवंशी के भाई सचिन रघुवंशी ने जमानत आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के लिए मेघालय सरकार का धन्यवाद दिया। उन्होंने मामले में राज्य का पक्ष रखने वाले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की भी सराहना की। सचिन ने कहा कि परिवार चाहता है कि सभी आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आत्मसमर्पण के लिए समय क्यों दिया गया, हालांकि उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के अनुसार सोनम को सरेंडर करना ही होगा।

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लेखक के बारे में

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