ट्रंप ने साल की शुरुआत में ही दिखा दिए आक्रामक तेवर, समर्थक भी हुए खफा
ट्रंप ने साल की शुरुआत में ही दिखा दिए आक्रामक तेवर, समर्थक भी हुए खफा
न्यूयॉर्क, 14 जनवरी (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साल के शुरुआती दो हफ्तों में ही अपने तेवरों से सबको हैरान कर दिया है। एक ओर जहां वह वेनेजुएला पर अपना नियंत्रण जताने लगे हैं तो दूसरी ओर उन्होंने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की भी धमकी दी है। इसके अलावा वह आप्रवासियों के खिलाफ भी कठोर कदम उठा रहे हैं।
वह देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अहम माने जाने वाले फेडरल रिजर्व को भी अपने हिसाब से चलाना चाहते हैं, जिसके प्रमुख से उनका टकराव भी सामने आया है।
ट्रंप जिस तरह से एक के बाद एक बड़े फैसले लेकर खलबली मचा रहे हैं, वह बहुत चौंकाने वाला है। इसी बीच आने वाले मध्यावधि चुनाव में मतदाता उनके नेतृत्व पर अपना फैसला देने वाले हैं।
ट्रंप के हर फैसले में बड़े जोखिम हैं — चाहे वह विदेश में युद्ध में दाखिल होने का खतरा हो या देश की वित्तीय व्यवस्था को नुकसान पहुंचने का डर। लेकिन ट्रंप पूरी आक्रामकता के साथ आगे बढ़ रहे हैं, जिसकी वजह से रिपब्लिकन पार्टी के उनके कुछ सहयोगी भी घबराए हुए हैं।
येल विश्वविद्यालय की प्रोफेसर और इतिहासकार जोआन बी. फ्रीमैन कहती हैं, “राष्ट्रपति कार्यालय बेकाबू हो गया है। हमने ऐसा पहले कभी नहीं देखा।”
ट्रंप संभावित विरोध या मुश्किलों की परवाह नहीं कर रहे।
मंगलवार को डेट्रॉयट में ट्रंप ने कहा, “फिलहाल मुझे काफी अच्छा लग रहा है।”
उनका भाषण मुख्य रूप से अर्थव्यवस्था पर ध्यान देने के लिए था और उन्होंने दावा किया कि महंगाई को लेकर चिंताओं के बावजूद अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है।
लेकिन वह फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पॉवेल पर निशाना साधना भी नहीं भूले, जिन्होंने ट्रंप के दबाव के बावजूद ब्याज दरें नहीं घटाईं।
ट्रंप ने कहा, “इस झक्की व्यक्ति की जल्द ही छुट्टी हो जाएगी।”
रिपब्लिकन नेताओं ने ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान ज़्यादातर समय उनका समर्थन किया। लेकिन इस हफ्ते दरार के संकेत मिलने लगे जब पॉवेल ने रविवार को बताया कि फेडरल रिजर्व की इमारत की मरम्मत के बारे में उनके बयान को लेकर केंद्रीय बैंक आपराधिक जांच का सामना कर रहा है।
पिछले साल भी न्याय विभाग ने ट्रंप के विरोधियों को निशाना बनाते हुए उनके खिलाफ कई मामलों की जांच शुरू कर दी थी, जिनमें पूर्व एफबीआई निदेशक जेम्स कॉमी, न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन के खिलाफ की गई जांच शामिल है।
लेकिन देश की मौद्रिक नीति तय करने में मदद करने वाले पॉवेल के खिलाफ कदम उठाना कुछ नेताओं के लिए हद पार करने जैसा है।
ट्रंप की कट्टर समर्थक और ‘फॉक्स बिजनेस’ की प्रस्तोता मारिया बार्टीरोमो ने असामान्य रूप से उनकी आलोचना की।
उन्होंने सोमवार के शो में कहा, “ऐसा लगता है कि वॉल स्ट्रीट के अधिकांश लोग इस तरह की लड़ाई नहीं देखना चाहते। राष्ट्रपति के पास बहुत अच्छे तर्क हैं, यह सही है। लेकिन वॉल स्ट्रीट इस तरह की जांच नहीं देखना चाहता।”
फेडरल रिजर्व अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है क्योंकि यह ब्याज दरें तय करता है, जिन्हें ट्रंप कम करना चाहते हैं।
हालांकि, इस संस्था की स्वतंत्रता को कम करना उल्टा असर डाल सकता है।
ट्रंप अब अमेरिका की विदेश नीति में बदलाव कर रहे हैं। उन्होंने “अमेरिका फर्स्ट” की बात की थी, लेकिन अब उन्होंने अमेरिका की भूमिका को ऐसे देशों तक बढ़ा दिया है जहां हालात पहले से बहुत जटिल हैं। इस दिशा में सबसे बड़ा कदम वेनेजुएला में उठाया गया।
इस महीने अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने की कोशिश की। इस हमले से पहले ट्रंप यह कहते रहे कि वग मादुरो को इसलिए निशाना बना रहे हैं क्योंकि वह मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल है।
लेकिन अब ट्रंप ने इसे अमेरिका के लिए एक आर्थिक मौके के रूप में पेश करना शुरू कर दिया है — खासकर तेल को लेकर।
ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका अब वेनेजुएला के तेल की बिक्री को कुछ हद तक नियंत्रित करेगा। उन्होंने यह दावा भी किया कि दक्षिण अमेरिकी देश (वेनेजुएला) को वाशिंगटन से चलाया जाएगा।
ट्रंप ने एक ‘मीम’ भी पोस्ट किया जिसमें उन्होंने खुद को “वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति” बताया।
ट्रंप ने क्यूबा और ईरान की सरकारों को भी धमकी दी है, और साथ ही कहा है कि अमेरिका “किसी भी तरह” ग्रीनलैंड को नियंत्रित करेगा। यह रुख यूरोपीय सहयोगियों के साथ अमेरिका के संबंधों पर सवाल खड़े कर रहा है।
ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है, जो नाटो का सदस्य है।
आप्रवासन के खिलाफ ट्रंप के कठोर अभियान से अमेरिका के कई शहरों में टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई है। कुछ मामलों में ये संघर्ष घातक भी साबित हुए हैं। इसी से जुड़ी घटना में मिनियापोलिस में एक संघीय एजेंट ने तीन बच्चों की मां 37 वर्षीय रेनी गुड नामक महिला को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी आप्रवासन एवं सीमाशुल्क प्रवर्तन (आईईसी) का अधिकारी आत्मरक्षा में कार्रवाई कर रहा था।
उन्होंने कहा कि गुड ने अपनी कार से अधिकारी को टक्कर मारने की कोशिश की थी।
एपी जोहेब वैभव
वैभव

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