हूतियों के हमलों से निपटने के लिए सऊदी अरब को हवा में ईंधन भरने की सुविधा देगा ब्रिटेन

हूतियों के हमलों से निपटने के लिए सऊदी अरब को हवा में ईंधन भरने की सुविधा देगा ब्रिटेन

हूतियों के हमलों से निपटने के लिए सऊदी अरब को हवा में ईंधन भरने की सुविधा देगा ब्रिटेन
Modified Date: September 22, 2026 / 08:20 am IST
Published Date: September 22, 2026 8:20 am IST

लंदन, 22 सितंबर (एपी) ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने कहा है कि उनके देश ने यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों को विफल करने के लिए सऊदी अरब को सीमित सैन्य सहायता देने पर सहमति जतायी है।

बर्नहैम ने सोमवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के कार्यक्रम के लिए उड़ान भरने से पहले पत्रकारों से कहा कि उन्होंने ‘रॉयल एयर फोर्स’ (आरएएफ) को सऊदी अरब के विमानों के लिए हवा में ईंधन भरने की सुविधा देने पर सहमति दी है।

यह समझौता कुछ हफ्तों के लिए है, लेकिन बर्नहैम ने कहा कि इसकी लगातार समीक्षा की जाएगी।

यमन की सऊदी अरब समर्थित सरकार और हूतियों के बीच संघर्ष फिर से भड़क उठा है। हूती विद्रोही सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं। शनिवार को भी उन्होंने रियाद को निशाना बनाकर मिसाइल एवं ड्रोन से हमला किया था लेकिन उन्हें लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही बीच में ही रोक दिया गया।

हूतियों ने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य और लाल सागर में सऊदी अरब के जहाजों के लिए नाकाबंदी की घोषणा भी की है। उन्होंने सऊदी अरब से जुड़े जहाजों और देश के भीतर तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है। सऊदी अरब दुनिया का सबसे बड़ा तेल निर्यातक है।

इस महीने की शुरुआत में हूती विद्रोही यमन के अंदर आगे बढ़े और महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जा कर लिया। उन्होंने लाल सागर के कुछ महत्वपूर्ण द्वीपों पर भी नियंत्रण हासिल कर लिया, जिससे उन्हें बाब-अल-मंदेब से होकर गुजरने वाले समुद्री यातायात पर बेहतर निगरानी रखने में मदद मिली। सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के कुल व्यापार का लगभग 12 प्रतिशत हिस्सा इस जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।

बर्नहैम ने कहा, ‘‘मैं ब्रिटेन और व्यापक क्षेत्र के हितों की रक्षा के लिए कदम उठा रहा हूं, क्योंकि सऊदी अरब हमलों का निश्चित रूप से सामना कर रहा है, आगे और व्यवधान की आशंका है और हमारे लिए विशेष रूप से तेल के लिए महत्वपूर्ण मार्गों को खुला रखना जरूरी है।’’

ब्रिटेन ने हूतियों के हमलों की निंदा की है और कहा है कि ब्रिटेन ‘‘क्षेत्रीय स्थिरता का समर्थन करने, नागरिकों की रक्षा करने और मानवीय सहायता की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए साझेदारों के साथ काम करेगा।’’

ब्रिटेन के अधिकारियों ने इससे पहले ‘‘सैन्य अभियानों से संबंधित मामलों’’ पर टिप्पणी करने से इनकार किया था। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा था कि ब्रिटेन और सऊदी अरब के बीच करीबी रक्षा साझेदारी है।

ब्रिटेन के अधिकारियों का कहना है कि यह समझौता आने वाले दिनों में लागू होगा। इसके तहत आरएएफ का एक ‘वॉयेजर’ विमान सऊदी विमानों को ‘‘रक्षात्मक’’ अभियानों के दौरान हवा में ईंधन भरने की सुविधा देगा।

‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) ने पिछले सप्ताह खबर दी थी कि सऊदी अरब ने अपने सहयोगी देशों फ्रांस, ब्रिटेन, पाकिस्तान और मिस्र से क्षेत्र में वायु-रक्षा सहायता तैनात करने का अनुरोध किया है। इसका उद्देश्य हूतियों और सऊदी अरब पर मिसाइल तथा ड्रोन दागने वाले अन्य ईरान समर्थित समूहों से देश की रक्षा में मदद करना है।

एपी गोला सिम्मी

सिम्मी


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