यूक्रेन के नए प्रधानमंत्री सेरही कोरेत्स्की ने पद संभाला

यूक्रेन के नए प्रधानमंत्री सेरही कोरेत्स्की ने पद संभाला

यूक्रेन के नए प्रधानमंत्री सेरही कोरेत्स्की ने पद संभाला
Modified Date: July 17, 2026 / 12:56 am IST
Published Date: July 17, 2026 12:56 am IST

कीव, 16 जुलाई (एपी) यूक्रेन की सरकारी ऊर्जा कंपनी नेफ्तोगाज के प्रमुख सेरही कोरेत्स्की को बृहस्पतिवार को देश का नया प्रधानमंत्री बनाया गया।

सरकार का नेतृत्व करने के लिए उनका चयन सामान्य राजनीतिक परंपरा से अलग माना जा रहा है।

यूक्रेन के कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के विपरीत, 48 वर्षीय कोरेत्स्की राजनीतिक दलों, संसद या प्रशासनिक सेवा के जरिये इस पद तक नहीं पहुंचे हैं।

इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके कोरेत्स्की ने कारोबारी जगत में अपना करियर बनाया। यूक्रेन की समस्याओं से जूझ रही कुछ सरकारी ऊर्जा कंपनियों की कमान संभालने से पहले उन्होंने दो दशक से अधिक समय तक ईंधन और खाद्य उद्योगों में प्रबंधन का काम किया।

उन्होंने जल्द ही एक कुशल संकट प्रबंधक के रूप में पहचान बनाई। उन्होंने मुश्किलों में फंसे सरकारी उपक्रमों को फिर से खड़ा किया और उन्हें मुनाफे में पहुंचाया।

अब उनके सामने अपने करियर की सबसे बड़ी प्रबंधकीय चुनौती है, जिससे निपटने के लिए केवल कारोबारी समझ पर्याप्त नहीं होगी। धन की कमी और युद्ध से जूझ रही सरकार का नेतृत्व करने के लिए उन्हें राजनीतिक कौशल, कूटनीति और सत्ता से जुड़े दांव-पेच में भी दक्षता दिखानी होगी।

राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कोरेत्स्की को देश को आगामी सर्दी की कठिन परिस्थितियों से निकालने की जिम्मेदारी सौंपी है।

रूस द्वारा युद्ध किए जाने के बाद से कोरेत्स्की यूक्रेन के तीसरे प्रधानमंत्री हैं। यूक्रेन की संसद ने सरकार में बड़े फेरबदल के तहत कोरेत्स्की को देश का नया प्रधानमंत्री बनाए जाने को बृहस्पतिवार को मंजूरी दी।

ये फेरबदल राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शुरू किया है। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में कोरेत्स्की के प्रदर्शन का हवाला देते हुए उन्हें नामित किया था। जेलेंस्की ने दलील दी थी कि कोरेत्स्की आगामी सर्दी के दौरान युद्ध में यूक्रेन की मदद करने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं। इसके बाद संसद में हुए मतदान में कोरेत्स्की के नाम पर मुहर लगाई गई। कोरेत्सकी के पक्ष में 289 वोट डाले गए।

जेलेंस्की ने नियुक्ति के छह महीने बाद रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव को बर्खास्त कर दिया था, जिसके बाद सैंकड़ों लोगों ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया।

एपी सिम्मी संतोष

संतोष


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