संयुक्त राष्ट्र वैश्विक संगठनों के साथ सह-अस्तित्व में रहा है : ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पर विश्व निकाय ने कहा

संयुक्त राष्ट्र वैश्विक संगठनों के साथ सह-अस्तित्व में रहा है : ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पर विश्व निकाय ने कहा

संयुक्त राष्ट्र वैश्विक संगठनों के साथ सह-अस्तित्व में रहा है : ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पर विश्व निकाय ने कहा
Modified Date: January 20, 2026 / 12:17 pm IST
Published Date: January 20, 2026 12:17 pm IST

(योषिता सिंह)

संयुक्त राष्ट्र, 20 जनवरी (भाषा) गाजा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गठित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को संयुक्त राष्ट्र का प्रतिद्वंद्वी माने जाने के बीच इस विश्व निकाय के एक प्रवक्ता ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र हमेशा विभिन्न वैश्विक संस्थाओं के साथ ‘‘सह-अस्तित्व’’ में रहा है और वह यह देखने का इंतजार करेगा कि अमेरिका के नेतृत्व वाली इस पहल के साथ उसका ‘‘किस तरह का संबंध’’ बनता है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के उप प्रवक्ता फरहान हक ने कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र कई संगठनों के साथ सह-अस्तित्व में रहा है। दुनिया भर में क्षेत्रीय संगठन हैं, उप-क्षेत्रीय संगठन हैं और विभिन्न रक्षा गठबंधन भी हैं।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘कुछ के साथ हमारे संबंधों को लेकर औपचारिक समझौते हैं, कुछ के साथ नहीं। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ वास्तव में किस स्वरूप में स्थापित होता है, उसके विवरण सामने आने के बाद ही यह तय होगा कि हमारे साथ उसका किस तरह का रिश्ता होगा।’’

हक सोमवार को दैनिक प्रेस वार्ता में ट्रंप द्वारा गाजा के पुनर्विकास के लिए घोषित बोर्ड ऑफ पीस से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे, जिसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई विश्व नेताओं को आमंत्रित किया है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या महासचिव को बोर्ड में शामिल होने का कोई निमंत्रण मिला है, तो उन्होंने कहा, ‘‘मुझे ऐसी किसी भी आधिकारिक सूचना की जानकारी नहीं है।’’

बोर्ड के स्थायी सदस्य बनने के लिए एक अरब डॉलर की कथित कीमत को लेकर हक ने कहा, ‘‘हमने ऐसी रिपोर्टें देखी हैं, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं कर सकते। अलग-अलग समूहों के अपने नियम और उपनियम होते हैं, और हम अन्य संगठनों के नियमों पर टिप्पणी नहीं करते।’’

ट्रंप बुधवार को दावोस में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक को संबोधित करेंगे। बृहस्पतिवार को इसी मंच के इतर वह ‘बोर्ड ऑफ पीस चार्टर’ की घोषणा में हिस्सा लेंगे, जहां देशों को गाजा के पुनर्विकास और संघर्ष समाप्त करने की व्यापक योजना के तहत इस निकाय से जुड़ने का आमंत्रण दिया जाएगा।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा


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