अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की शर्तों पर सहमति बनी: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की शर्तों पर सहमति बनी: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री
(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 13 जून (भाषा) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की शर्तों पर सहमत बन गयी है।
शहबाज ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पाकिस्तान की ओर से शांति समझौते के लिए जोर-शोर से मध्यस्थता की कोशिशें जारी रहने के बीच हम उन लोगों द्वारा लगातार फैलाई जा रही भ्रामक प्रचार से भी पूरी तरह वाकिफ हैं, जो इस शांति समझौते को नाकाम करना चाहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि शांति समझौते का अंतिम और सर्वसम्मति से तैयार किया हुआ मसौदा पूरा हो गया है और पाकिस्तान अब अगले कदम को अंतिम रूप देने के लिए दोनों पक्षों के साथ मिलकर काम कर रहा है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम शांति समझौते के इतने करीब कभी नहीं पहुंचे, जितना अब हैं।’’
संभावित समझौते के बारे में कई खबरों के सामने आने के बाद किए गए इस पोस्ट में शहबाज ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ-साथ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची को भी टैग किया।
शहबाज के इस दावे पर ‘व्हाइट हाउस’ या ईरान के अधिकारियों की ओर से कोई तुरंत प्रतिक्रिया नहीं आई।
इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने बातचीत में प्रगति का संकेत देते हुए कहा था, ‘‘इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर इस तरह की सहमति पूर्व में कभी नहीं बनी।’’
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘समझौते को अंतिम रूप दिए जाने तक मीडिया को इसके बारे में अटकलें लगाने से बचना चाहिए। हमारी जिम्मेदार और पारदर्शी नीति के अनुरूप सभी जानकारी उचित समय पर जनता के साथ साझा की जाएगी।’’
उन्होंने हालांकि इस संबंध में कोई विवरण नहीं दिया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने भी अराघची की पोस्ट को अपने सोशल मीडिया पर साझा किया लेकिन समझौते के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
इस बीच, वेंस ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को खत्म करने संबंधी संभावित समझौते के बारे में ‘‘कई तरह की गलत जानकारी’’ फैलाई जा रही है।
वेंस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ईरानियों को किसी समझौते पर हस्ताक्षर करने या बैठक में शामिल होने के लिए किसी प्रकार का कोई धन या निधि जारी नहीं की जा रही।’’
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था को अमेरिका और उसके सहयोगियों की चिंताओं को दूर करने के लिए तैयार किया गया था और ईरान को आर्थिक फायदा तभी मिलेगा जब वह अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करेगा।
वेंस ने कहा, ‘‘इस समझौते में क्षेत्र की तस्वीर बदलने और लंबे समय तक शांति बनाए रखने की क्षमता है।’’
उन्होंने लोगों को बिना पुष्टि वाली मीडिया खबरों और सोशल मीडिया पर अज्ञात लोगों के दावों पर भरोसा नहीं करने की चेतावनी भी दी।
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप हमें किसी न किसी तरह से अच्छा नतीजा दिलाकर रहेंगे।’’
भाषा सुरभि जितेंद्र
जितेंद्र

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