दुबई, 30 जून (एपी) अमेरिका और ईरान ने सोमवार को अलग-अलग घोषणा की कि वे इस हफ़्ते कतर में प्रतिनिधिमंडल भेजेंगे, हालांकि तेहरान ने ज़ोर देकर कहा कि वह अमेरिका के साथ ‘किसी भी स्तर पर’ बातचीत करने के लिए सहमत नहीं हुआ है, क्योंकि सप्ताहांत में फ़ारस की खाड़ी में हुए हमलों ने युद्ध खत्म करने की बातचीत को दिशाहीन कर दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ बैठक का अनुरोध किया है और दोनों पक्ष मंगलवार को दोहा (कतर) में मिलने की योजना बना रहे हैं।
लेकिन ईरान के एक वरिष्ठ वार्ताकार ने ऐसी किसी बैठक से इनकार किया। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि उनका प्रतिनिधिमंडल कतर जाएगा, जो वार्ता में एक प्रमुख मध्यस्थ है, लेकिन वहां अमेरिका की भागीदारी के बिना अंतरिम समझौते की शर्तों पर चर्चा की जाएगी।
हाल के दिनों में होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव काफी बढ़ गया है। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति इसी मार्ग से होती थी। लगातार चार दिनों तक हमलों के बाद सोमवार को दोनों पक्षों ने अपने हमले रोक दिए।
अमेरिका और ईरान ने इसी महीने एक अंतरिम समझौता किया था, जिसके तहत ईरान अपने संवर्द्धित यूरेनियम के भंडार को कम करेगा। अमेरिका तेल प्रतिबंधों में राहत देगा, होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी और दोनों देशों को व्यापक समझौते के लिए 60 दिन का समय दिया जाएगा।
ट्रंप के सोशल मीडिया पर बैठक की घोषणा करने के बाद व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने बताया कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर कतर रवाना हो रहे हैं।
इस वार्ता में एक अन्य मध्यस्थ पाकिस्तान ने भी कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत मंगलवार से फिर शुरू होगी।
हालांकि, ईरान के वरिष्ठ वार्ताकार कासिम घरीबाबादी ने सरकारी मीडिया से कहा कि किसी वार्ता की पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल कतर जाकर जब्त ईरानी धन की रिहाई और अंतरिम समझौते से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई वार्ता निर्धारित नहीं है।’’
एपी शोभना गोला
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