अमेरिकी लेखक को जासूसी के संदेह में चीन ने हिरासत में लिया
अमेरिकी लेखक को जासूसी के संदेह में चीन ने हिरासत में लिया
बैंकॉक, 12 जून (एपी) म्यांमा और चीन की विदेश नीति पर लेखन कार्य करने वाले एक अमेरिकी विद्वान को चीन के अधिकारियों ने जासूसी के संदेह में हिरासत में लिया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि विद्वान मिन जिन पर ‘‘चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली जासूसी गतिविधियों में शामिल होने’’ का संदेह है।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े आरोपों में किसी अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी चीन में असामान्य मानी जाती है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और चीन अपने तनावपूर्ण संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले महीने ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से बीजिंग में मुलाकात की थी।
अमेरिकी विद्वान मिन जिन को जानने वाले म्यांमा के एक कार्यकर्ता ने बताया कि वह तीन जून को चीन के कुनमिंग शहर में एक सम्मेलन में भाग लेने गए थे, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला।
सरकारी कार्रवाई और गिरफ्तारी के डर से नाम नहीं बताने की शर्त पर बातचीत करने वाले इस कार्यकर्ता ने कहा कि मिन जिन इससे पहले भी कई बार चीन की यात्रा कर चुके थे।
मिन जिन 1988 में म्यांमा में हुए छात्र आंदोलन के दौरान सक्रिय छात्र नेता रहे थे। छात्र-नेतृत्व वाले इस आंदोलन पर तत्कालीन सरकार ने सैन्य बल का इस्तेमाल किया था।
बाद में उन्होंने अमेरिका में शरण ली थी। कार्यकर्ता के अनुसार, वर्तमान में वह किसी प्रत्यक्ष राजनीतिक या आंदोलनकारी गतिविधि में शामिल नहीं थे।
मिन जिन आईएसपी म्यांमा नामक एक विचारक समूह के संस्थापक हैं। यह संस्थान हाल के वर्षों में चीन की विदेश नीति और म्यांमा के साथ उसके व्यापारिक संबंधों पर अध्ययन और लेखन करता रहा है। म्यांमा, चीन की दक्षिण-पश्चिमी सीमा से लगा हुआ देश है।
यह विचारक समूह चीनी शोध संस्थानों के साथ नियमित संवाद में शामिल रहा है और उसने चीन को म्यांमा से होने वाले दुर्लभ मृदा खनिज (रेयर अर्थ) निर्यात जैसे विषयों पर भी अध्ययन प्रकाशित किए हैं।
मिन जिन वर्तमान में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में पीएचडी के शोधार्थी भी हैं।
एपी रवि कांत रवि कांत नरेश
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