दुबई। US-Iran Conflict:ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए सीजफायर समझौते के बावजूद दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर हवाई फायर किए। अमेरिका की सेना ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान में 10 स्थानों पर हमले किए। जिसके बाद ईरान ने करारा पलटवार किया है। ईरान पर लगातार दूसरे दिन किए गए इन अमेरिकी हमलों के कारण युद्धविराम समझौता खतरे में पड़ गया है।
ईरान के 10 ठिकानों पर हमला
US-Iran Conflict ‘यूएस सेंट्रल कमांड’ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि एक मालवाहक पोत पर शनिवार तड़के हमले के बाद अमेरिकी सैन्य विमानों ने ‘‘ईरान के सैन्य निगरानी ढांचे, संचार प्रणालियों, हवाई रक्षा ठिकानों, ड्रोन भंडारण केंद्रों और बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमताओं को निशाना बनाया।’’ उसने बाद में बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास के कई स्थानों पर ईरान के 10 सैन्य स्थलों पर हमले किए गए। फारस की खाड़ी में जारी हमलों से ईरान युद्ध के एक बार फिर नियंत्रण से बाहर होने का खतरा पैदा हो गया है। ईरान और अमेरिका ने युद्ध समाप्त करने के लिए अंतिम समझौते पर सहमति बनाने के उद्देश्य से अंतरिम समझौता किया था।
ट्रंप ने दी बड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका ने ‘‘युद्धविराम समझौते का फिर से उल्लंघन किए जाने के जवाब में ईरान के मिसाइल एवं ड्रोन भंडारण केंद्रों और तटीय रडार स्थलों पर हमले (US-Iran Conflict) किए।’’ उन्होंने चेतावनी दी कि एक समय ऐसा आ सकता है, जब अमेरिका के लिए संयम बरतना संभव नहीं होगा और वह ‘‘सैन्य कार्रवाई के जरिये काम पूरा करने के लिए मजबूर हो जाएगा।’’ ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘‘अगर ऐसा हुआ तो इस्लामी गणराज्य ईरान का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।’’
मालवाहक पोत को बनाया था निशाना
ईरान के एक ड्रोन (US-Iran Conflict) ने बृहस्पतिवार को ओमान के तट के पास एक मालवाहक पोत को निशाना बनाया था, जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने अगले दिन हमले किए थे। ‘यूएस सेंट्रल कमांड’ ने कहा कि ईरानी बलों ने हाल में ड्रोन से ‘किकू’ नामक तेल टैंकर पर हमला किया। टैंकर में 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल लदा था और वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था।
अमेरिकी सेना के अनुसार सैन्य निगरानी ढांचे, संचार प्रणालियों, हवाई रक्षा ठिकानों, ड्रोन भंडारण केंद्रों और अन्य सैन्य प्रतिष्ठानों सहित 10 स्थानों को निशाना बनाया गया।
अमेरिका ने इन हमलों की क्या वजह बताई?
अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई युद्धविराम समझौते के कथित उल्लंघन और ईरानी ड्रोन हमलों के जवाब में की गई।
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या चेतावनी दी?
ट्रंप ने कहा कि यदि हालात नहीं सुधरे तो अमेरिका व्यापक सैन्य कार्रवाई करने के लिए मजबूर हो सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां तनाव बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है।
क्या सीजफायर अब भी लागू है?
दोनों पक्षों के हालिया हमलों के बाद युद्धविराम पर अनिश्चितता बढ़ गई है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।