US Iran Peace Talk: शांतिवार्ता पर मंडराया संकट! अब ईरान ने रख दी ये बड़ी शर्त, अमेरिका कर रहा था डेलीगेशन भेजने की तैयारी

शांतिवार्ता पर मंडराया संकट! अब ईरान ने रखी दी बड़ी ये शर्त, अमेरिका कर रहा था डेलीगेशन भेजने की तैयारी, US-Iran Peace Talks in jeopardy

US Iran Peace Talk: शांतिवार्ता पर मंडराया संकट! अब ईरान ने रख दी ये बड़ी शर्त, अमेरिका कर रहा था डेलीगेशन भेजने की तैयारी
Modified Date: April 20, 2026 / 12:19 am IST
Published Date: April 20, 2026 12:04 am IST

वॉशिंगटन/इस्लामाबाद। US Iran Peace Talk: अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता के दूसरे दौर पर एक बार फिर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोमवार को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के पाकिस्तान दौरे के ऐलान के तुरंत बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए वार्ता से दूरी बना ली है। ईरान की सरकारी एजेंसी तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरानी वार्ताकारों ने स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिका द्वारा लगाया गया नेवल ब्लॉकेड हटाया नहीं जाता, तब तक कोई बातचीत संभव नहीं है। ईरान ने यह भी साफ किया है कि उसने इस्लामाबाद भेजे जाने वाले किसी प्रतिनिधिमंडल पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है।

तनाव की जड़ होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की स्थिति है। बताया जा रहा है कि ईरान द्वारा होर्मुज क्षेत्र में गतिविधियों के जवाब में अमेरिका ने ईरानी जहाजों पर प्रतिबंध लगाते हुए समुद्री नाकेबंदी (नेवल ब्लॉकेड) लागू की है और वहां अपने युद्धपोत तैनात किए हैं। इसी कदम को लेकर ईरान ने सख्त आपत्ति जताई है। इससे पहले दोनों देशों के बीच पहले दौर की बातचीत के बाद पाकिस्तान के माध्यम से संवाद जारी था और दूसरे दौर की तैयारी चल रही थी। पाकिस्तान इस वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों पक्षों को फिर से बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहा है।

नेतन्याहू ने कहा- इजराइल-अमेरिका तानाशाहों से लड़ रहे

US Iran Peace Talk:  इधर इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा है कि उनका देश बर्बरता के खिलाफ लड़ रहे है। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली की यात्रा के दौरान आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि इजराइल और अमेरिका मिलकर ईरान की उस तानाशाही के खिलाफ खड़े हैं जो पूरी दुनिया को आतंकित करती है और पश्चिमी सभ्यता को नष्ट करना चाहती है।


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।