अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों, विनिमय कार्यक्रम के तहत आने वालों, पत्रकारों के लिए वीजा नियम कड़े किए

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अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों, विनिमय कार्यक्रम के तहत आने वालों, पत्रकारों के लिए वीजा नियम कड़े किए

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  • Publish Date - July 17, 2026 / 02:35 PM IST,
    Updated On - July 17, 2026 / 02:35 PM IST

(सागर कुलकर्णी)

वाशिंगटन, 17 जुलाई (भाषा) अमेरिका ने विदेशी छात्रों, विनिमय कार्यक्रम के तहत आने वाले लोगों और पत्रकारों के लिए वीजा नियमों को सख्त कर दिया है। इसके साथ ही दशकों पुरानी वह नीति खत्म हो गई है जिसके तहत वे बिना सरकारी निगरानी के देश में अनिश्चित काल तक रह सकते थे। इस कदम से बड़ी संख्या में भारतीयों पर असर पड़ने की संभावना है।

अमेरिका के गृह मंत्रालय (डीएचएस) ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि नए नियमों के तहत एफ, जे और आई श्रेणी के गैर प्रवासी वीजा धारकों के लिए देश में रहने की एक निश्चित अवधि तय की गई है।

‘एफ’ श्रेणी का वीजा छात्रों के लिए, ‘जे’ श्रेणी का वीजा विनिमय कार्यक्रम के तहत आने वाले लोगों के लिए और ‘आई’ श्रेणी का वीजा पत्रकारों के लिए होता है।

इस नियम के तहत, ‘एफ’ श्रेणी के वीजा धारकों के लिए स्नातक के बाद देश छोड़ने, स्कूल बदलने या अपनी वीजा स्थिति में बदलाव करने के लिए मिलने वाली समय-सीमा को 60 दिनों से घटाकर 30 दिन कर दिया गया है।

वर्तमान में छात्रों की पढ़ाई की अवधि के साथ-साथ स्नातक के बाद वैकल्पिक प्रायोगिक प्रशिक्षण (ओपीटी) के जरिए तीन साल तक की अवधि के लिए छात्र वीजा मान्य होते हैं।

नए नियम के तहत, मीडिया के सदस्यों के लिए ‘आई’ वीजा की अवधि अधिक से अधिक 240 दिन और चीनी नागरिकों के लिए 90 दिन होगी। मौजूदा नियमों के तहत पत्रकारों के वीजा के लिए कोई तय समय-सीमा नहीं है और यह कई सालों तक चल सकता है।

डीएचएस ने एक बयान में कहा कि गैर प्रवासी छात्रों (‘एफ’ श्रेणी के वीजा) और विनिमय कार्यक्रम के तहत आने वाले लोगों (‘जे’ श्रेणी के वीजा) को उनके खास कार्यक्रम की अवधि के लिए प्रवेश दिया जाएगा लेकिन यह अवधि चार साल से अधिक नहीं होगी।

डीएचएस के सचिव मार्कवेन मुलिन ने यहां एक बयान में कहा, “दशकों से विदेशी छात्रों को अमेरिका में अनिश्चित काल के लिए आने की इजाजत दी जाती रही है, जिससे हजारों लोग अमेरिका छोड़ने से बचने के लिए लगातार पाठ्यक्रमों में दाखिला लेकर हमारी आव्रजन प्रणाली का गलत फायदा उठाते रहे हैं।”

मुलिन ने कहा, “यह अंतिम नियम यह सुनिश्चित करता है कि विदेशी छात्र अपने मुख्य उद्देश्य यानी अपनी पढ़ाई पूरी करने और घर लौटने पर ध्यान दें।”

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों में से लगभग 31 प्रतिशत छात्र भारत से हैं।

जिन वीजा धारकों को अपना अकादमिक कार्यक्रम पूरा करने के लिए और समय चाहिए, उन्हें सीधे अमेरिका नागरिकता एवं आव्रजन सेवा के माध्यम से प्रवास की अवधि बढ़ाने के लिए औपचारिक रूप से आवेदन करना होगा।

डीएचएस ने कहा कि इससे निगरानी की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय के कर्मचारी से हटकर संघीय अधिकारियों के पास चली जाती है और आवेदकों को बायोमेट्रिक, पृष्ठभूमि और धोखाधड़ी जांच से गुजरना पड़ता है।

यह नियम अकादमिक बदलावों पर सख्त पाबंदियां लगाता है।

भाषा सुरभि प्रशांत

प्रशांत