वेनेजुएला में कैदियों की रिहाई तीसरे दिन भी जारी
वेनेजुएला में कैदियों की रिहाई तीसरे दिन भी जारी
सैन फ्रांसिस्को डे यारे (वेनेजुएला), 11 जनवरी (एपी) वेनेजुएला में एक साल पांच महीने से जेल में कैद डायोजेंस एंगुलो को जब शनिवार शाम रिहा किया गया, तब उसकी मां और चाची की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और वे अपनी भावनाओं को शब्दों में जाहिर नहीं कर पा रही थीं।
पास ही में मौजूद कम से कम एक दर्जन अन्य परिवार भी इसी तरह के मिलन की उम्मीद कर रहे थे।
एंगुलो को वेनेजुएला सरकार के सद्भावना प्रयासों के तहत तीन दिन से जारी कैदियों की रिहाई के तहत राजधानी काराकस की एक जेल से आजाद किया गया। इस मौके पर कई कैदियों के परिजन उनकी रिहाई का स्वागत करने के लिए जेल के बाहर इकट्ठा हुए थे।
जेल में कैद कई विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं, संवाददाताओं और सैनिकों के परिजनों ने भी इस सद्भावना प्रयास के तहत अपने प्रियजनों की रिहाई की उम्मीद जताई।
एंगुलो को 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से दो दिन पहले हिरासत में लिया गया था। उस समय वह 17 साल का था। पुलिस ने एंगुलो के खिलाफ यह कार्रवाई तब की थी, जब उसने दिवंगत राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज के गृह राज्य बारिनास में विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शन का वीडियो पोस्ट किया था।
जेल से बाहर आने के बाद एंगुलो ने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (एपी) से कहा, “ऊपरवाले का शुक्रिया, मैं फिर से अपने परिवार के साथ रह पाऊंगा। इस मुश्किल समय में ऊपरवाले में मेरी आस्था ने मुझे हिम्मत प्रदान की।” उसने बताया कि हिरासत में लिये गए अन्य लोग “ठीक हैं” और उन्हें जल्द रिहाई की पूरी उम्मीद है।
वेनेजुएला सरकार ने बृहस्पतिवार को घोषणा की थी कि वह बड़ी संख्या में कैदियों को रिहा करेगी। उसने इस कदम को “शांति की तलाश” की दिशा में की गई एक पहल करार दिया था।
हालांकि, अधिकारियों ने उन कैदियों की संख्या या पहचान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, जिन्हें रिहा किए जाने की योजना है। ऐसे में जेल के बाहर परिजनों की लंबी कतारें लगती देखी जा सकती हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला सरकार ने राजनीतिक कारणों से हिरासत में लिये गए लोगों की रिहाई का फैसला वाशिंगटन के अनुरोध पर लिया है।
वेनेजुएला में राजनीतिक कैदियों की रिहाई के लिए आवाज उठाने वाले संगठन ‘फोरो पीनल’ ने बताया कि शनिवार रात तक महज 16 राजनीतिक बंदियों को रिहा किया गया है।
उसने कहा कि राजनीतिक कारणों से हिरासत में लिये गए 804 कैदी अब भी जेल में हैं।
एपी पारुल सुरेश
सुरेश

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