Ram Rahim Singh Acquitted: गुरमीत राम रहीम को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, अदालत ने इस मामले में किया बरी, निचली अदालत ने सुनाई थी सजा
Ram Rahim Singh Acquitted: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 2002 में हुई पत्रकार की हत्या के मामले में गुरमीत राम रहीम सिंह को बरी कर दिया है।
Ram Rahim Singh Acquitted/Image Credit: IBC24 File Photo
- पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से गुरमीत राम रहीम सिंह को मिली बड़ी राहत।
- हाईकोर्ट ने पत्रकार की हत्या के मामले में राम रहीम को बरी कर दिया है।
- 2002 में पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की गई थी।
Ram Rahim Singh Acquitted: चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक पत्रकार की हत्या के 2002 के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को बरी कर दिया है। डेरा प्रमुख के वकील जितेंद्र खुराना ने शनिवार को यह जानकारी दी।अदालत ने डेरा प्रमुख को दोषी ठहराए जाने और आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के सात साल से अधिक समय बाद बरी किया (Ram Rahim Singh Acquitted)। हालांकि, कोर्ट ने इस मामले में दो अन्य सह-आरोपियों की अपील को खारिज करते हुए उनकी सजा बरकरार रखी है।
2002 में हुई थी पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या
खुराना ने कहा, ‘‘अदालत ने राम रहीम सिंह को पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में बरी कर दिया है।’’ राम रहीमऔर तीन अन्य लोगों को हरियाणा के सिरसा में पत्रकार की हत्या के लिए 2019 में दोषी ठहराया गया था। छत्रपति को अक्टूबर 2002 में उनके घर के बाहर गोली मार दी गई थी, जब उनके अखबार ‘पूरा सच’ ने एक गुमनाम पत्र प्रकाशित किया था (Ram Rahim Singh Acquitted) जिसमें सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में महिला अनुयायियों के कथित यौन शोषण का जिक्र किया गया था। राम रहीम सिंह को 2017 में अपनी दो शिष्याओं से बलात्कार के जुर्म में भी 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। इस मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उसे हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल में रखा गया।
जेल में ही रहेंगे राम रहीम
Ram Rahim Singh Acquitted: आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, भले ही हाईकोर्ट ने पत्रकार हत्याकांड मामले में राम रहीम को जमानत दे दी है, लेकिन इसके बाद भी उन्हें जेल में ही रहना पड़ेगा। राम रहीम वर्तमान में बलात्कार के एक अन्य मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अपनी सजा काट रहे हैं। (Ram Rahim Singh Acquitted) कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस बरी होने के फैसले का उनकी मौजूदा सजा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
निचली अदालत का फैसला आया था 16 साल बाद
बता दें कि, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या साल 2002 में हुई थी। इस मामले में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 2019 में एक विशेष अदालत ने राम रहीम और तीन अन्य को दोषी करार दिया था। यह मामला लंबे समय तक चर्चा में रहा क्योंकि अपराध और सजा के बीच 16 साल का अंतराल था। (Ram Rahim Singh Acquitted) छत्रपति ने अपने अखबार में डेरा मुख्यालय के भीतर हो रहे शोषण के खिलाफ खबरें प्रकाशित की थीं, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई थी।
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