वॉन डेर लेयेन ने ड्रोन घटनाओं और घुसपैठ से निपटने के लिए ईयू सुरक्षा तंत्र बनाने का आह्वान किया
वॉन डेर लेयेन ने ड्रोन घटनाओं और घुसपैठ से निपटने के लिए ईयू सुरक्षा तंत्र बनाने का आह्वान किया
स्ट्रासबर्ग, 16 सितंबर (एपी) यूरोपीय आयोग (ईयू) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बुधवार को कहा कि यूरोप में ड्रोन घटनाओं, घुसपैठ की गतिविधियों और साइबर हमलों से बेहतर तरीके से निपटने के लिए नाटो जैसी व्यवस्था की जरूरत है।
उन्होंने इनमें से कई घटनाओं के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया।
वॉन डेर लेयेन ने कहा, “यूरोप को हाइब्रिड खतरों से निपटने के लिए अपनी रणनीति की जरूरत है। हमें कुछ घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने के तरीके को लेकर तत्काल सहमति बनाने की जरूरत है।”
उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था खास तौर पर उन घटनाओं के लिए होनी चाहिए जो “सशस्त्र हमले के स्तर तक नहीं पहुंचतीं, लेकिन स्पष्ट रूप से हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न करती हैं।”
जर्मनी, डेनमार्क और पोलैंड के अधिकारियों ने हाल के हफ्तों में ड्रोन दिखाई देने, घुसपैठ, आगजनी, रक्षा प्रतिष्ठानों की निगरानी एवं विस्फोटक से लदे ड्रोन से एक हवाई अड्डे पर हमला करने की साजिश में रूस की संलिप्तता का आरोप लगाया।
इस सप्ताह की शुरुआत में नाटो के साथ काम कर रहे इटली के लड़ाकू विमानों ने यूरोपीय संघ के सदस्य देश लिथुआनिया के हवाई क्षेत्र में एक ड्रोन को मार गिराया।
यह पहली बार था जब लिथुआनिया के हवाई क्षेत्र में किसी ड्रोन को मार गिराया गया।
माना जा रहा है कि यह ड्रोन रूस के सहयोगी देश बेलारूस की ओर से आया था।
हालांकि, यूरोप और नाटो इस बात को लेकर संघर्ष कर रहे हैं कि उन घटनाओं का किस तरह जवाब दिया जाए, जो सीधे तौर पर आक्रामक कार्रवाई के स्तर तक नहीं पहुंचती हैं।
वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यह प्रणाली नाटो की स्थापना संधि के अनुच्छेद चार के समान होनी चाहिए, जिसके तहत वे देश, जिन्हें लगता है कि उनके क्षेत्र को खतरा है, आपात बैठक बुला सकते हैं।
उन्होंने कहा, “जब किसी एक सदस्य देश की ओर से इसे सक्रिय किया जाएगा तो सभी सदस्य देश यूरोपीय प्रतिक्रिया के समन्वय, तनाव को बढ़ने से रोकने और इसके प्रभाव को कम करने के लिए एक साथ बैठक करेंगे।”
एपी जितेंद्र नरेश
नरेश

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