हमने मिलकर लादेन को मारा : 9/11 हमलों की 25वीं बरसी पर अमेरिका ने यूएनएससी में कहा

हमने मिलकर लादेन को मारा : 9/11 हमलों की 25वीं बरसी पर अमेरिका ने यूएनएससी में कहा

हमने मिलकर लादेन को मारा : 9/11 हमलों की 25वीं बरसी पर अमेरिका ने यूएनएससी में कहा
Modified Date: September 12, 2026 / 04:35 pm IST
Published Date: September 12, 2026 4:35 pm IST

(योषिता सिंह)

संयुक्त राष्ट्र, 12 सितंबर (भाषा) अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से कहा कि ‘‘हमने मिलकर’’ अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन का पीछा किया और उसे मार गिराया।

यह बयान आतंकवाद रोधी मुद्दे पर सुरक्षा परिषद का पांच साल में पहला अध्यक्षीय बयान है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अमेरिका में 11 सितंबर 2001 में हुए आतंकवादी हमले की 25वीं बरसी पर शुक्रवार को एक बैठक की। ये हमले अल-कायदा के आतंकवादियों ने किए थे, जिन्होंने अपहृत विमानों को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के जुड़वां टावरों से टकरा दिया था।

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा, ‘‘हमने मिलकर बिन लादेन को मार गिराया। हमारे गठबंधन ने आईएसआईएस के खलीफा को खत्म किया। हमने अल-बगदादी और अल-जवाहिरी को मार गिराया।’’

उन्होंने यह बात ‘‘आतंकवादी कृत्यों से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को उत्पन्न खतरों’’ शीर्षक पर आयोजित सुरक्षा परिषद की बैठक में आतंकवादी संगठनों के सरगनाओं का जिक्र करते हुए कही।

जब अमेरिकी दूत यह बयान दे रहे थे, उस समय सुरक्षा परिषद की मेज पर पाकिस्तान भी मौजूद था। पाकिस्तान वर्तमान में परिषद का अस्थायी सदस्य है और उसका दो साल का कार्यकाल इस साल दिसंबर में समाप्त होगा।

अमेरिका में हुए आतंकवादी हमलों की साजिश लादेन ने रची थी। वह पाकिस्तान के एबटाबाद शहर में छिपा हुआ था और मई 2011 में अमेरिकी नौसेना के सील कमांडो ने एक अभियान में उसे मार गिराया था।

वॉल्ट्ज ने अपने संबोधन में 15-सदस्यीय सुरक्षा परिषद में शामिल देशों में हुए प्रमुख आतंकवादी हमलों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, ‘‘साथियों, जब मैं इस मेज के चारों ओर देखता हूं तो इस परिषद में मौजूद हर देश ने आतंकवाद का मुकाबला करते हुए पिछले वर्षों में अपने वर्दीधारी पुरुषों और महिलाओं को खोया है। इसलिए आपमें से ज्यादातर लोगों के लिए 11 सितंबर आपकी राष्ट्रीय स्मृति में दर्ज एकमात्र आतंकवादी हमला नहीं है। हमें इस पर विचार करना चाहिए और इसे याद रखना चाहिए।’’

अमेरिकी दूत ने पाकिस्तान में 2014 में हुए पेशावर स्कूल हमले का उल्लेख किया, जिसमें करीब 130 बच्चों की मौत हुई थी। उन्होंने सात जुलाई 2005 को लंदन में हुए बम धमाकों का भी जिक्र किया।

यूएनएससी ने एक अध्यक्षीय बयान भी जारी किया, जिसमें उसने न्यूयॉर्क, अर्लिंग्टन (वर्जीनिया) और पेनसिल्वेनिया में हुए 9/11 आतंकवादी हमलों की एक बार फिर ‘‘स्पष्ट रूप से निंदा’’ की।

यह आतंकवाद-रोधी मुद्दे पर सुरक्षा परिषद का पांच साल में पहला अध्यक्षीय बयान है।

बयान में कहा गया कि आतंकवाद के सभी कृत्य, तरीके और गतिविधियां अपराध और अनुचित हैं।

सुरक्षा परिषद ने कहा कि वह वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खतरे से निपटने के प्रयासों को और प्रभावी बनाने में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

भाषा शोभना सुरेश

सुरेश


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