सीआईए ने आतंकी हमलों की बरसी पर लादेन, अलकायदा पर तैयार दर्जनों खुफिया रिपोर्ट जारी कीं

सीआईए ने आतंकी हमलों की बरसी पर लादेन, अलकायदा पर तैयार दर्जनों खुफिया रिपोर्ट जारी कीं

सीआईए ने आतंकी हमलों की बरसी पर लादेन, अलकायदा पर तैयार दर्जनों खुफिया रिपोर्ट जारी कीं
Modified Date: September 12, 2026 / 10:09 am IST
Published Date: September 12, 2026 10:09 am IST

न्यूयॉर्क, 12 सितंबर (एपी) अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए आतकंवादी हमलों की 25वीं बरसी पर शुक्रवार को दर्जनों ऐसी खुफिया रिपोर्ट सार्वजनिक की गईं जिन्हें राष्ट्रपति के लिए तैयार किया गया था।

इनमें उन खुफिया जानकारियों का ब्योरा है, जो सरकारी अधिकारियों ने विमानों के अपहरण से पहले ओसामा बिन लादेन और अलकायदा के बारे में जुटाई थीं। इन हमलों में कम से कम 3000 लोग मारे गए थे।

इन दस्तावेजों में सुरक्षा विश्लेषकों द्वारा बिन लादेन की गतिविधियों और उसके समर्थन तंत्र पर नजर रखने के साथ-साथ अमेरिकी ठिकानों पर संभावित खतरों को लेकर जताई गई चिंताओं का भी उल्लेख है। इनमें अमेरिका और अन्य देशों में उसके नेटवर्क को लेकर अधिकारियों की समझ तथा उसके अभियानों के लिए धन जुटाने के तरीकों का भी ब्योरा है।

सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने इसे ‘‘असाधारण पारदर्शिता का कदम’’ बताते हुए कहा कि ये दस्तावेज राष्ट्रपति के लिए तैयार की जाने वाली खुफिया रिपोर्ट को सार्वजनिक करने का एजेंसी का अब तक का सबसे बड़ा संग्रह है।

इस तरह की रिपोर्ट देश के खुफिया समुदाय द्वारा सरकार के शीर्ष अधिकारियों के लिए तैयार की जाती हैं और इन्हें अत्यंत गोपनीय रखा जाता है।

दस्तावेजों में फरवरी 1998 की एक रिपोर्ट भी शामिल है, जिसे तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के लिए तैयार किया गया था। इसका शीर्षक ‘‘आतंकवादी सामूहिक विनाश के हथियार बनाने की क्षमता हासिल करने की कोशिश में’’ हैं और इसमें बिन लादेन तथा अन्य इस्लामी चरमपंथियों का उल्लेख है। वहीं, 12 सितंबर 2001 की एक रिपोर्ट में एक सूत्र ने बताया था कि हमलों की योजना दो साल से बनाई जा रही थी।

अप्रैल 1998 के एक दस्तावेज में लादेन को सौंपने के मुद्दे पर तालिबान की अनिच्छा का उल्लेख किया गया था। उस समय अफगानिस्तान में लादेन को तालिबान का ‘‘मेहमान’’ माना जाता था। दस्तावेज में कहा गया था कि सोवियत कब्जे के दौरान लादेन की मदद के लिए तालिबान उसके प्रति आभारी था और इसी वजह से वे उसकी गतिविधियों पर नजर रखकर या उन्हें नियंत्रित करके उसे नाराज करने से ‘‘हिचक रहे थे।’’

जुलाई 1998 में रिपोर्ट तैयार करने वाले अधिकारियों ने कहा था कि ‘‘यह संभव है कि लादेन अमेरिका में हमले करने को प्राथमिकता देता है’’ और वे (अधिकारी) रासायनिक तथा जैविक हथियारों से हमले करने में लादेन की रुचि से भी अवगत थे।

दो महीने बाद एक अधिकारी ने लिखा कि लादेन का ‘‘पसंदीदा विकल्प अमेरिका की धरती पर वाशिंगटन में हमला करना है’’ और अलकायदा ‘‘विस्फोटकों से भरे विमान को अमेरिका के किसी शहर में गिरा सकता है।’’

दिसंबर 1998 में एक रिपोर्ट में संभावित विमान अपहरण की घटना का भी जिक्र था। रिपोर्ट तैयार करने वाले अधिकारी ने कहा था कि साजिशकर्ताओं ने ‘‘न्यूयॉर्क के एक अज्ञात हवाई अड्डे पर हाल में किए गए परीक्षण के दौरान सुरक्षा जांच से बच निकलने में सफलता हासिल की’’ और ‘‘ लादेन के नेटवर्क के कुछ सदस्यों ने विमान अपहरण का प्रशिक्षण लिया था।’’

अन्य दस्तावेजों में बिन लादेन द्वारा ‘‘डर्टी बम’’ बनाने के लिए सामग्री हासिल करने के प्रयासों का भी उल्लेख है। डर्टी बम ऐसे पारंपरिक हथियार होते हैं, जिनमें रेडियोधर्मी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है।

खुफिया अधिकारियों के अनुसार, जून 1999 तक उसके गुर्गों ने विस्फोटकों के साथ ऐसे प्रयोग किए थे, ताकि ‘‘उनकी ऊर्जा क्षमता बढ़ाई जा सके।’’

हमलों से करीब दो साल पहले ही खुफिया अधिकारियों को पता था कि लादेन अमेरिका पर बिना उकसावे के हमला नहीं करने को लेकर तालिबान को गुमराह करता हुआ दिखाई दे रहा था। 2001 की शुरुआत में राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के लिए तैयार की गई रिपोर्ट में बिन लादेन द्वारा ‘‘जैविक एजेंट बनाने और उन्हें इस्तेमाल करने के लिए तात्कालिक तरीकों से किए जा रहे प्रयोग’’ पर खास तौर पर ध्यान दिया गया था।

हमलों से एक महीने पहले की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि लादेन ‘‘अमेरिका में आतंकवादी हमले करने के लिए प्रतिबद्ध’’ था। इसमें कहा गया था कि 1998 में अमेरिकी दूतावासों पर अलकायदा के हमले ‘‘दिखाते हैं कि वह अभियानों की तैयारी वर्षों पहले करता है और असफलताओं से उसका इरादा नहीं बदलता।’’

उस समय यानी अगस्त 2001 में एक रिपोर्ट में अधिकारियों ने ‘‘इस देश में ऐसी संदिग्ध गतिविधियों’’ का भी उल्लेख किया था, जो विमान अपहरण या अन्य तरह के हमलों की तैयारी से जुड़ी हो सकती थीं। इनमें न्यूयॉर्क में संघीय इमारतों की हालिया निगरानी भी शामिल थी। अधिकारियों ने कहा था कि एफबीआई पूरे अमेरिका में बिन लादेन से जुड़ी करीब 70 व्यापक जांच कर रही थी।

कई दस्तावेजों में सूत्रों के नाम और अन्य पहचान संबंधी जानकारी छिपाने के लिए कुछ हिस्सों को हटाया गया है। हालांकि इन दस्तावेजों से हमलों की योजना या अमेरिकी अधिकारियों की यह समझ कि हमले कैसे हुए थे, उसके बारे में कोई नई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आती नहीं दिखी।

दस्तावेज जारी किए जाने पर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को राष्ट्रीय अभिलेखागार द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों के एक अन्य संग्रह का भी उल्लेख किया। इस संग्रह में क्लिंटन और बुश प्रशासन के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साक्षात्कार शामिल हैं। यह सामग्री उस आयोग ने तैयार की थी, जिसने 2002 से 2004 के बीच 11 सितंबर के हमलों की जांच की थी।

एपी शोभना नेत्रपाल

नेत्रपाल


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