अमेरिकी प्रतिनिधि सभा रूस प्रतिबंध विधेयक पर अगले सप्ताह करेगी मतदान
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा रूस प्रतिबंध विधेयक पर अगले सप्ताह करेगी मतदान
(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 11 सितंबर (भाषा) अमेरिकी प्रतिनिधि सभा रूस पर प्रतिबंध से जुड़े उस विधेयक पर अगले सप्ताह मतदान करेगी जिसमें भारत समेत रूस के व्यापारिक साझेदारों पर शुल्क लगाने का प्रावधान है।
‘लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट, 2026’ को पिछले महीने अमेरिकी सीनेट ने भारी बहुमत से पारित किया था। प्रतिनिधि सभा की नियम समिति सोमवार को इस विधेयक पर मतदान करेगी। डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं।
यदि प्रतिनिधि सभा भी इसे पारित कर देती है तो यह विधेयक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस एवं रूसी तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर और कड़े प्रतिबंध लगाने का अधिकार देगा। इसके अलावा ईरान पर पहले से लागू प्रतिबंधों को भी बढ़ाया जा सकेगा।
प्रतिनिधि सभा में अल्पमत के नेता हकीम जेफ्रीज समेत कई डेमोक्रेटिक सांसदों ने इस विधेयक का विरोध किया है। उनका कहना है कि इससे ट्रंप को शुल्क लगाने के व्यापक और जोखिम भरे नए अधिकार मिल जाएंगे।
डेमोक्रेटिक सांसद ग्रेगरी मीक्स, डॉन बेयर और रिचर्ड नील ने शुक्रवार को एक संयुक्त बयान में कहा, ‘‘प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक सदस्य यूक्रेन के समर्थन में पूरी मजबूती से खड़े हैं लेकिन ‘लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट’ से फायदा होने के बजाय नुकसान अधिक होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह विधेयक शुल्क लगाने के राष्ट्रपति के अधिकारों का बहुत अधिक विस्तार करेगा लेकिन रूस पर प्रतिबंध लगाना अनिवार्य नहीं बनाएगा। ये दोनों ही बातें अस्वीकार्य हैं। इन खामियों के कारण अमेरिकियों के लिए वस्तुएं महंगी होंगी और दीर्घकाल के लिहाज से यूक्रेन के लिए समर्थन कमजोर होगा।’’
प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन नेतृत्व ने पहले इस विधेयक को कार्यसूची से हटा दिया था लेकिन अब इसे आपात कदम के तौर पर नियम समिति के विचार के लिए फिर से लाया गया है।
सीनेट की विदेश संबंध समिति की ‘रैंकिंग’ सदस्य जीन शाहीन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘यह बहुत अच्छी खबर है कि प्रतिनिधि सभा रूस पर बेहद जरूरी प्रतिबंध संबंधी विधेयक पर मतदान करेगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पुतिन की युद्ध मशीन के कारण यूक्रेन के आम नागरिक लगातार मारे जा रहे हैं और यह विधेयक क्रेमलिन के खजाने पर बड़ी चोट करेगा। अब इसे पारित करने और पुतिन को बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर करने का समय है।’’
भाषा
सिम्मी शोभना
शोभना

Facebook


