कोवैक्सीन WHO की इमर्जेंसी यूज लिस्ट में शामिल नहीं, अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वालों को हो सकती है दिक्कत

कोवैक्सीन WHO की इमर्जेंसी यूज लिस्ट में शामिल नहीं, अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वालों को हो सकती है दिक्कत

Edited By: , May 22, 2021 / 11:34 AM IST

नई दिल्ली। कोरोना की दूसरी लहर से पूरे देश में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं भारत में दिख रहे कोरोना के नए वैरियंट के खिलाफ दुनिया भर के देश एहतियात बरत रहे हैं। कई देशों ने कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट को अनिवार्य किया है तो वहीं कुछ देशों ने 14 दिनों का क्वारंटीन पीरियड पूरा करने की शर्ते लगा रखी हैं।

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दुनिया के कई देशों ने थोड़ी राहत देते हुए वैक्सीन लगा चुके लोगों को या तो आने की छूट दे दी है या फिर इसकी तैयारी में हैं। हालांकि भारत के लोगों के लिए इसमें भी एक पेंच फंस गया है। दरअसल भारत बायोटेक निर्मित कोवैक्सिन की दोनों डोज लगवा चुके लोगों को फिलहाल इंटरनेशनल जर्नी के दौरान दिक्क्तों का सामना करना पड़ सकता है।
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बता दें कि दुनिया के कई देशों ने अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर लगी रोक कुछ शर्तों के साथ हटा दी है। इन शर्तों में मान्यता प्राप्त वैक्सीन लगा चुके लोगों को यात्रा की परमीशन दी गई है। ऐसे देशों ने अपनी खुद की रेग्युलेटरी अथॉरिटी या फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की इमर्जेंसी यूज लिस्टिंग (EUL) की तरफ से स्वीकृत की गई वैक्सीन को ही मंजूरी दी है। इस सूची में जानसेन (अमेरिका और नीदरलैंड में), मॉडर्ना, फाइजर, एस्ट्राजेनेका, सिनोफार्म/BBIP और सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की बनी हुई कोविशील्ड के नाम शामिल हैं। इस लिस्ट में कोवैक्सिन को शामिल नहीं किया गया है।
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WHO की नई गाइडलाइन्स के मुताबिक भारत बायोटेक ने इसके लिए अपना आवेदन दिया है। लेकिन डबल्यूएचओ की तरफ से अधिक जानकारी की जरूरत बताई गई है। उनके अनुसार प्री-सबमिशन मीटिंग मई-जून में प्लान की गई है, जिसके बाद फर्म की तरफ से डोजियर सबमिट किया जाएगा। जिसकी समीक्षा के बाद डबल्यूएचओ की तरफ से वैक्सीन को शामिल करने का फैसला किया जाएगा। इस प्रोसेस में कुछ सप्ताह से लेकर महीने तक का समय लग सकता है।

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ऐसे में यदि किसी ने कोवैक्सीन की दोनों डोज लगवा लीं हैं, तो भी वह वैक्सीनेट होने की शर्तों को पूरा नहीं करता है। इस स्थिति में ऐसे व्यक्ति को अंतराष्ट्रीय यात्रा के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।