Who is Alireza Arafi: कौन है अली रेजा अराफी? संभाल चुके हैं कई बड़े पद, ईरान के नए लीडर के बारे में सब कुछ जानें यहां

Who is Alireza Arafi: खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने वरिष्ठ धर्मगुरु अयातुल्लाह अली रेजा अराफी को अंतरिम सुप्रीम लीडर नियुक्त किया है।

Who is Alireza Arafi: कौन है अली रेजा अराफी? संभाल चुके हैं कई बड़े पद, ईरान के नए लीडर के बारे में सब कुछ जानें यहां

Who is Alireza Arafi/Image Credit: IBC24.in

Modified Date: March 1, 2026 / 08:50 pm IST
Published Date: March 1, 2026 8:48 pm IST
HIGHLIGHTS
  • अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई।
  • खामेनेई की मौत के बाद तेहरान अब बदले की आग में जल रहा है।
  • ईरान ने वरिष्ठ धर्मगुरु अयातुल्लाह अली रेजा अराफी को अंतरिम सुप्रीम लीडर नियुक्त किया है।

Who is Alireza Arafi: नई दिल्ली: अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। खामेनेई की मौत के बाद तेहरान अब बदले की आग में जल रहा है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने वरिष्ठ धर्मगुरु अयातुल्लाह अली रेजा अराफी को अंतरिम सुप्रीम लीडर नियुक्त किया है। (Who is Alireza Arafi) अयातुल्लाह अली रेजा अराफी को अंतरिम नेतृत्व परिषद में एक धर्मविद (जुरिस्ट) सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। यह परिषद तब तक सर्वोच्च नेता की जिम्मेदारियां निभाएगी जब तक ईरान के संविधान के अनुसार नए नेता का चयन नहीं हो जाता।

प्रमुख पदों पर रह चुके हैं अराफी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, अली रेजा अराफी को खामेनेई के नेतृत्व के दौरान ईरान के महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया गया था। ईरान के संविधान की माने तो अंतरिम परिषद में राष्ट्रपति, चीफ जस्टिस और गार्जियन काउंसिल का एक धर्मगुरु शामिल होते हैं। खामेनेई की मौत के बाद यही काउंसिल महत्वपूर्ण फैसले लेगी। वहीं नए सर्वोच्च नेता का अंतिम फैसला विशेषज्ञों की सभा करेगी। (Who is Alireza Arafi)  यह 88 सदस्यों का धार्मिक निकाय है, जिसके पास देश की राजनीतिक व्यवस्था, सेना और अहम संस्थानों पर अंतिम अधिकार होता है।

कौन हैं अली रेजा अराफी?

Who is Alireza Arafi:  बता दें कि, अली रेजा अराफी का जन्म साल 1959 में हुआ था और वो अभी 67 साल के हैं। अराफ़ी ईरान के धार्मिक व्यवस्था में एक प्रभावशाली और वरिष्ठ व्यक्तित्व माने जाते हैं। वर्तमान की बात करें तो अराफ़ी फ़िलहाल असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के उपाध्यक्ष हैं। इतना ही नहीं वे साल 2019 में गार्डियन काउंसिल के सदस्य भी रह चुके हैं। यह वही संस्था है जो चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की जांच करती है और संसद द्वारा पारित कानूनों की समीक्षा करती है। वे ईरान की पूरे देश में फैली इस्लामी मदरसा (सेमिनरी) व्यवस्था के प्रमुख भी हैं।

इसके साथ ही ईरान के नए लीडर अराफी में अल-मुस्तफा अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटी की अध्यक्षता भी की, जो ईरान और विदेशों से धर्मगुरुओं को प्रशिक्षण देने वाला एक प्रमुख संस्थान है। (Who is Alireza Arafi)  धार्मिक रूप से वे बहुत स्थापित और सम्मानित हैं। अराफी का उदय 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद सर्वोच्च नेतृत्व में केवल दूसरा परिवर्तन है। एक ऐसा क्षण है, जो ईरान के राजनीतिक ढांचे और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सामंजस्य बनाए रखने की उसकी क्षमता की परीक्षा लेगा।

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