कौन हैं ईरान के राष्ट्रपति रईसी, जिनके हेलीकॉप्टर को खराब मौसम में करनी पड़ी ‘हार्ड लैंडिंग’ |

कौन हैं ईरान के राष्ट्रपति रईसी, जिनके हेलीकॉप्टर को खराब मौसम में करनी पड़ी ‘हार्ड लैंडिंग’

कौन हैं ईरान के राष्ट्रपति रईसी, जिनके हेलीकॉप्टर को खराब मौसम में करनी पड़ी ‘हार्ड लैंडिंग’

:   Modified Date:  May 19, 2024 / 10:08 PM IST, Published Date : May 19, 2024/10:08 pm IST

दुबई, 19 मई (एपी) ईरान के कट्टरपंथी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी लंबे समय से ईरान के सर्वोच्च नेता के विश्वासपात्र और देश के शिया धर्मतंत्र के भीतर उनके पद के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखे जाते रहे हैं।

रविवार को उनके हेलीकॉप्टर के साथ एक घटना हुई, जिसे ईरान के सरकारी मीडिया ने ‘हार्ड लैंडिंग’ के रूप में वर्णित किया है। इससे दुनिया का ध्यान रईसी की स्थिति जानने की ओर खिंच गया है।

रईसी 1988 में कैदियों की सामूहिक फांसी में शामिल होने के कारण पहले से ही अमेरिका और अन्य देशों से प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं।

ईरान के 63 वर्षीय नेता पहले ईरानी न्यायपालिका में थे। वह 2017 में अपेक्षाकृत उदारवादी मौलवी हसन रूहानी से राष्ट्रपति पद के चुनाव में हार गए थे। रूहानी राष्ट्रपति के रूप में विश्व शक्तियों के साथ 2015 के परमाणु समझौते पर पहुंचे थे।

वर्ष 2021 में रईसी ने फिर से चुनाव लड़ा जिसमें उनके सभी संभावित प्रमुख विरोधियों को ईरान की जांच प्रणाली के तहत चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था।

उन्हें 2.89 करोड़ मतों में से लगभग 62 प्रतिशत वोट मिले थे जो इस्लामिक गणराज्य के इतिहास में प्रतिशत के हिसाब से सबसे कम मतदान था।

राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में जब रईसी से 1988 की सामूहिक फांसी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया।

सामूहिक रूप से फांसी पाने वालों में राजनीतिक बंदी, उग्रवादी और अन्य लोग शामिल थे।

ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला रुहुल्ला खुमैनी द्वारा संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में किए गए संघर्षविराम को स्वीकार किए जाने के बाद ईरानी विपक्षी समूह मुजाहिदीन-ए-खल्क के सदस्यों ने सद्दाम हुसैन की मदद से भारी हथियारों से लैस होकर एक आश्चर्यजनक हमले में इराक से ईरानी सीमा पर धावा बोल दिया। ईरान ने उनके हमले को विफल कर दिया था।

लगभग उसी समय मुकदमे शुरू हुए। प्रतिवादियों से अपनी पहचान बताने को कहा गया। एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, ‘मुजाहिदीन’ का जवाब देने वालों को तुरंत मौत के घाट उतार दिया गया। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समूहों का अनुमान है कि कम से कम 5,000 लोगों को फांसी दी गई। रईसी फांसी की सजा देने वाले आयोग से जुड़े थे।

ईरान अंतत: 85 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खुमैनी द्वारा शासित है। लेकिन राष्ट्रपति के रूप में, रईसी ने देश के अस्त्र संबंधी स्तर के यूरेनियम संवर्धन का समर्थन किया, साथ ही पश्चिम के साथ टकराव के चलते अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों के कार्य में बाधा उत्पन्न की।

रईसी ने अप्रैल में एक बड़े कदम के तहत इजराइल पर हमला करने का भी समर्थन किया, जिसमें इजराइल पर 300 से अधिक ड्रोन और मिसाइल दागी गईं।

यह हमला सीरिया के दमिश्क में ईरानी दूतावास परिसर में संदिग्ध इजराइली हमले में ईरान के जनरलों के मारे जाने के बाद किया गया था।

उन्होंने देश की सुरक्षा सेवाओं का भी समर्थन किया, जिन्होंने सभी असहमतियों पर नकेल कसी, जिसमें 2022 में हिजाब पहनने का विरोध करने के बाद महसा अमीनी की मौत और उसके पश्चात हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन भी शामिल थे।

इसके बाद महीनों तक चली सुरक्षा कार्रवाई में 500 से अधिक लोग मारे गए और 22,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।

एपी नेत्रपाल सुरेश

सुरेश

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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