साझेदारी को और गति देने के लिए इंडोनेशियाई राष्ट्रपति से बातचीत करूंगा: प्रधानमंत्री

साझेदारी को और गति देने के लिए इंडोनेशियाई राष्ट्रपति से बातचीत करूंगा: प्रधानमंत्री

साझेदारी को और गति देने के लिए इंडोनेशियाई राष्ट्रपति से बातचीत करूंगा: प्रधानमंत्री
Modified Date: July 6, 2026 / 09:04 pm IST
Published Date: July 6, 2026 9:04 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

जकार्ता, छह जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि वह अलग-अलग क्षेत्रों में व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गति देने के लिए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ बातचीत करेंगे।

मोदी ने तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंचने के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर यह बात कही। इस यात्रा का उद्देश्य भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति, ‘महासागर’ दृष्टिकोण और एक स्वतंत्र, मुक्त एवं समावेशी हिंद-प्रशांत के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है।

विशेष सद्भावना के तहत हवाई अड्डे पर मोदी का स्वागत इंडोनेशियाई राष्ट्रपति सुबियांतो ने किया। इसके अलावा, प्रधानमंत्री की अगवानी के लिए चार मंत्री भी मौजूद थे।

प्रधानमंत्री मोदी का इस दौरान पारंपरिक ढंग से स्वागत किया गया और उन्होंने सलामी गारद का निरीक्षण किया।

मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘जकार्ता पहुंच गया हूं। हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो द्वारा मेरा स्वागत किए जाने की सद्भावना से मैं बहुत प्रभावित हूं।’’

वर्ष 2018 में संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाए जाने के बाद से इंडोनेशिया की यह मोदी की पहली द्विपक्षीय यात्रा है।

मोदी ने कहा, ‘‘2018 में इंडोनेशिया की मेरी पहली यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाया, जिससे हमारे लोगों को लाभ हुआ है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस यात्रा के दौरान, मैं और सुबियांतो विभिन्न क्षेत्रों में इस साझेदारी को और गति देने के उद्देश्य से बातचीत करेंगे।’’

मोदी ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति प्रबोवो और मैं योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा करेंगे। इससे हमारे देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे। इंडोनेशिया में रहने के दौरान, मैं भारतीय समुदाय के लोगों से मिलने के लिए भी उत्सुक हूं।’’

योग्याकार्ता शहर से लगभग 17 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित सदियों पुराना प्रम्बानन मंदिर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर माना जाता है।

होटल पहुंचने पर प्रधानमंत्री ने रामायण और भरतनाट्यम सहित कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखीं।

मोदी ने कहा, ‘‘जकार्ता में भारतीय समुदाय के गर्मजोशी भरे स्वागत से मैं अत्यंत भाव-विभोर हूं। उनका स्नेह और भारत की प्रगति के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता सच में प्रेरणादायक है। विदेश में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी उपलब्धियों के जरिये दुनिया के साथ भारत के रिश्तों को लगातार मजबूत कर रहे हैं।’’

मोदी ने इंडोनेशिया की मशहूर छाया कठपुतली कला ‘वायांग कुलित’ का मनमोहक प्रदर्शन देखा, जिसमें रामायण की कालजयी कथा को जीवंत किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘यह इस बात का परिचायक है कि कैसे हमारी साझा सभ्यता की विरासत ने समुद्रों और पीढ़ियों का सफर तय किया है; इसने अपने शाश्वत मूल्यों को बनाए रखते हुए सुंदर स्थानीय रूप अपनाए हैं। इस प्रस्तुति के लिए ‘गणेश’ नाम से जानी जाने वाली टीम को मेरी बधाई।’’

मोदी ने कहा कि उन्हें समन्वय समूह की शानदार भरतनाट्यम प्रस्तुति देखकर बहुत खुशी हुई। उन्होंने कहा, ‘‘इन अनमोल परंपराओं को इतनी लगन और बेहतरीन ढंग से सहेजते एवं प्रस्तुत करते हुए देखना प्रसन्नता की बात है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘विहारा धर्म रत्न ग्रुप के कलाकारों की ‘होमेज टू द ट्रिपल जेम’ की प्रस्तुति असाधारण थी। इसमें भगवान बुद्ध की शाश्वत शिक्षाओं और ‘त्रिरत्न’ में निहित गहरे मूल्यों की झलक मिलती है। यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि इंडोनेशिया के लोग बौद्ध धर्म की समृद्ध विरासत को इतने उत्साह के साथ संजो रहे हैं और उसका जश्न मना रहे हैं।’’

दिल्ली से रवाना होने से पहले, मोदी ने कहा कि इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की उनकी यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति, ‘महासागर’ दृष्टिकोण और साथ ही ‘‘मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत के प्रति हमारे नजरिये’’ को और मजबूत करेगी।

‘महासागर’ यानी ‘सभी क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए पारस्परिक एवं समग्र विकास’ सभी क्षेत्रों की सुरक्षा और विकास के लिए भारत का दृष्टिकोण है।

मोदी की यह यात्रा जनवरी 2025 में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रपति प्रबोवो की भारत की राजकीय यात्रा के बाद हो रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत और इंडोनेशिया के बीच सभ्यतागत एवं लोगों के आपसी संबंध बहुत मजबूत हैं, तथा मेरी यह यात्रा हमारी बहुआयामी साझेदारी के सभी पहलुओं को और मजबूत करेगी।’’

इंडोनेशिया से मोदी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर मेलबर्न जाएंगे। यात्रा के आखिरी चरण में वह न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के न्योते पर ऑकलैंड पहुंचेंगे।

भाषा नेत्रपाल पारुल

पारुल


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