जापान में दुनिया के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र का संचालन फिर से होगा शुरू

जापान में दुनिया के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र का संचालन फिर से होगा शुरू

जापान में दुनिया के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र का संचालन फिर से होगा शुरू
Modified Date: January 21, 2026 / 04:31 pm IST
Published Date: January 21, 2026 4:31 pm IST

तोक्यो, 21 जनवरी (एपी) जापान में 2011 में हुएफुकुशिमा परमाणु हादसे के बाद दुनिया के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र का संचालन बुधवार को फिर से शुरू हो जाएगा।

जापान बिजली की बढ़ती मांग पूरी करने के लिए परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ा रहा है।

काशीवाजाकी–कारिवा परमाणु ऊर्जा संयंत्र के नंबर-6 रिएक्टर में ऊर्जा उत्पादन की शुरुआती प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका संचालन तोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी होल्डिंग्स (टीईपीसीओ) कर रही है। यह वही कंपनी है जो क्षतिग्रस्त फुकुशिमा दाइची परमाणु संयंत्र का भी संचालन करती है।

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फुकुशिमा में टीईपीसीओ से जुड़ी पिछली सुरक्षा समस्याओं के कारण काशीवाजाकी–कारिवा संयंत्र के संचालन को लेकर लोग चिंतित हैं, खासकर इसलिए भी क्योंकि यह संयंत्र एक अलग-थलग और भूकंप संभावित क्षेत्र में स्थित है।

काशीवाजाकी–कारिवा परमाणु संयंत्र के सभी सात रिएक्टर मार्च 2011 में जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित फुकुशिमा दाइची संयंत्र में भीषण भूकंप और सुनामी आने के एक साल बाद से बंद पड़े हैं।

उस हादसे में रिएक्टर पिघल गए थे और रेडियोधर्मी पदार्थों के भारी रिसाव से आसपास की जमीन इतनी दूषित हो गई कि कुछ इलाके आज भी रहने योग्य नहीं हैं।

टीईपीसीओ अभी भी अपनी छवि को हुए नुकसान से उबरने की कोशिश कर रही है। वह फुकुशिमा दाइची संयंत्र में सफाई कार्य भी कर रही है, जिसकी अनुमानित लागत 22 ट्रिलियन येन (लगभग 139 अरब डॉलर) है।

सरकारी और स्वतंत्र जांच में फुकुशिमा त्रासदी के लिए टीईपीसीओ की खराब सुरक्षा व्यवस्था को दोषी ठहराया गया था और सुरक्षा अधिकारियों के साथ मिलीभगत के लिए कंपनी की आलोचना हुई थी।

साल 2011 के बाद से जापान में कुल 14 अन्य परमाणु रिएक्टरों का फिर से संचालन शुरू किया गया है, लेकिन यह पहली बार है जब टीईपीसीओ संचालित रिएक्टर फिर से उत्पादन करने लगा है।

संयंत्र के आसपास रहने वाले लोग संभावित आर्थिक व रोजगार संबंधी लाभों का स्वागत कर रहे हैं, लेकिन वे खासकर दो साल पहले नोटो क्षेत्र में आए बड़े भूकंप के बाद परमाणु सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

तोक्यो से उत्तर-पश्चिम दिशा में लगभग 220 किलोमीटर दूर स्थित काशीवाजाकी–कारिवा संयंत्र के नंबर-6 रिएक्टर का संचालन फिर से शुरू होने से अतिरिक्त 1.35 मिलियन किलोवॉट बिजली का उत्पादन हो सकता है, जो राजधानी क्षेत्र के 10 लाख से अधिक घरों में बिजली आपूर्ति की लिए पर्याप्त है।

एपी

जोहेब मनीषा

मनीषा


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