चिनफिंग और मोदी के बीच भारत-चीन के साझेदार बनने पर सबसे महत्वपूर्ण सहमति बनी: वांग

चिनफिंग और मोदी के बीच भारत-चीन के साझेदार बनने पर सबसे महत्वपूर्ण सहमति बनी: वांग

चिनफिंग और मोदी के बीच भारत-चीन के साझेदार बनने पर सबसे महत्वपूर्ण सहमति बनी: वांग
Modified Date: September 14, 2026 / 07:47 pm IST
Published Date: September 14, 2026 7:47 pm IST

(केजेएम वर्मा)

बीजिंग, 14 सितंबर (भाषा) चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने सोमवार को कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर हुई बैठक में राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच इस बात पर ‘‘सबसे महत्वपूर्ण सहमति’’ बनी कि चीन और भारत को साझेदार होना चाहिए।

वांग ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए 12-13 सितंबर को चिनफिंग की नयी दिल्ली यात्रा और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने चीन-भारत संबंधों से जुड़े रणनीतिक, दीर्घकालिक और दिशा-निर्देश तय करने वाले मुद्दों पर खुलकर एवं विस्तार से बातचीत की।

उन्होंने चीन के सरकारी मीडिया से कहा कि दोनों नेताओं के बीच सबसे महत्वपूर्ण सहमति यह बनी कि चीन और भारत को साझेदार होना चाहिए।

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य वांग के अनुसार, राष्ट्रपति चिनफिंग ने कहा कि चीन और भारत एक-दूसरे की विशिष्टताओं का लाभ उठा सकते हैं, एक-दूसरे का समर्थन कर सकते हैं, सफलता पाने में एक-दूसरे की सहायता कर सकते हैं और साथ मिलकर विकास कर सकते हैं।

वांग ने कहा कि दोनों देशों के नेता सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं, साथ ही ब्रिक्स की बारी-बारी से मिलने वाली अध्यक्षता के दौरान दोनों देश एक-दूसरे का समर्थन करेंगे।

उन्होंने कहा कि मोदी-चिनफिंग की बैठक ने व्यापक अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया।

चीनी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी एक बयान में कहा गया कि दोनों देशों के नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन में, चीन-भारत संबंध धीरे-धीरे निचले स्तर से ऊपर उठे हैं और ‘‘फिर से शुरुआत’’ से आगे बढ़कर ‘‘नयी ऊंचाई’’ तक पहुंचे हैं।

उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने आपसी राजनीतिक भरोसे को और मज़बूत करने, मतभेदों तथा विरोधाभास को सही ढंग से संभालने और सीमावर्ती इलाकों में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने का संकल्प लिया।

मोदी के साथ अपनी बैठक में चिनफिंग ने चीन और भारत का आह्वान किया कि वे आपसी सम्मान और समझदारी की राजनीतिक सूझबूझ का इस्तेमाल करके रुकावटों को दूर करें।

उन्होंने दोनों पक्षों से द्विपक्षीय संबंधों और सीमा से जुड़े मुद्दों पर साथ-साथ प्रगति करने का आग्रह किया, ताकि ये दोनों रास्ते एक-दूसरे को मज़बूत करें और सीमावर्ती इलाकों में शांति एवं स्थिरता बनी रहे।

वांग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और इस बात की पुष्टि की कि भारत ने हमेशा भारत-चीन संबंधों को रणनीतिक एवं दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखा है।

चीनी विदेश मंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत चीन का दुश्मन नहीं, बल्कि साझेदार बनने के लिए तैयार है और एक-दूसरे के विकास को चुनौती के बजाय एक अवसर के रूप में देखता है।

वांग ने प्रधानमंत्री मोदी का हवाला देते हुए कहा कि चीन के साथ संबंधों को लेकर भारत का दृष्टिकोण किसी तीसरे पक्ष के प्रभाव से मुक्त है और वह अपनी ज़मीन पर किसी भी ताकत को चीन-विरोधी गतिविधियां नहीं करने देगा।

चीन 2027 में ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालेगा।

भाषा

नेत्रपाल नरेश

नरेश


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