यहां शादी के बाद तीन दिन कैद रहता है विवाहित जोड़ा, टॉयलेट तक जाने में रहती है पाबंदी

इंडोनेशिया में एक अजीबोगरीब रिवाज है। यहां रस्म है कि शादी के तीन दिन बाद तक लड़का-लड़की बाथरूम तक नहीं जा सकते। ये रस्म-रिवाज है बोर्नियो में रहने वाले कुछ आदिवासी समुदाय की। टिडोंग जनजाति के इन लोगों के नवविवाहितों का विवाह उनकी संबंधित आदिवासी परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ होता है।

यहां शादी के बाद तीन दिन कैद रहता है विवाहित जोड़ा, टॉयलेट तक जाने में रहती है पाबंदी

remains imprisoned for three days

Modified Date: November 29, 2022 / 08:28 pm IST
Published Date: January 20, 2022 2:35 pm IST

remains imprisoned for three days

नुसंतारा/जकार्ता। इंडोनेशिया में एक अजीबोगरीब रिवाज है। यहां रस्म है कि शादी के तीन दिन बाद तक लड़का-लड़की बाथरूम तक नहीं जा सकते। ये रस्म-रिवाज है बोर्नियो में रहने वाले कुछ आदिवासी समुदाय की। टिडोंग जनजाति के इन लोगों के नवविवाहितों का विवाह उनकी संबंधित आदिवासी परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ होता है। यहां, न तो दूल्हा और न ही दुल्हन को शादी की रस्म पूरी होने के बाद तीन दिनों तक नहाने या लघुशंका तक के लिए जाने की अनुमति नहीं होती है।

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इसके पीछे मान्यता यह है कि इससे दंपत्ति के बीच संबंध मजबूत होता है और बच्चे होने में कोई दिक्कत नहीं होती। यही कारण है कि इस रस्म को पूरा करवाने के लिए परिवार के सदस्यों को नए जोड़े को कैदी के रूप में रखने का काम दिया जाता है। दोनों को कम से कम खाने और पीने की अनुमति मिलती है। तीन दिन के इस अनुष्ठान के खत्म होने के बाद उन्हें बाथरूम जाने की परमिशन होती है।

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शादी के तीन दिनों के बाद ही दोनों स्नान करते हैं। डॉक्टरों की माने तो 72 घंटे तक ‘नेचर कॉल’ को रोकने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इससे कब्ज, अल्सर, सिर दर्द, पेट दर्द और न जाने कितनी असहनीय गैसें पैदा हो सकती हैं। ऐसे में उन जोड़ों पर क्या बीतती होगी इसकी कल्पना कर पाना भी मुश्किल है।

बता दें कि बोर्नियो द्वीप इंडोनेशिया में स्थित है और एशिया का सबसे बड़ा द्वीप है। बोर्नियो पर स्थित नुसंतारा को इंडोनेशिया ने अपनी नई राजधानी बनाया है क्योंकि पुरानी राजधानी जकार्ता अक्सर बाढ़ की चपेट में रहती थी जिससे उसके डूबने का खतरा बढ़ गया है।


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com