CG Naxalites Surrender News: दशकों बाद नक्सलवाद से आजाद हुआ अबूझमाड़!.. गृहमंत्री बोले ‘माओवादियों ने सही फैसला किया, उनका स्वागत है’
अबूझमाड़ का अधिकांश हिस्सा नक्सली प्रभाव से मुक्त हो गया है, जिससे उत्तर बस्तर में दशकों से चला आ रहा लाल आतंक समाप्त हो गया है। शीर्ष सरकारी अधिकारियों ने …

Chhattisgarh Naxalites Surrender News
- बस्तर में 208 नक्सलियों का आत्मसमर्पण
- मुख्यमंत्री साय ने बताया ऐतिहासिक दिन
- अबूझमाड़ से खत्म हुआ लाल आतंक
Chhattisgarh Naxalites Surrender News: बस्तर: छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने शुक्रवार को उत्तरी बस्तर क्षेत्र में 208 नक्सलियों के आत्मसमर्पण का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि माओवादियों ने सही फैसला लिया है और कई लोगों की जान बचाई है।
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए विजय शर्मा ने कहा, "यह फैसला बस्तर के लोगों की इच्छा के मुताबिक है। विभिन्न माओवादी संगठनों से बड़ी संख्या में लोगों ने पुनर्वास और नया जीवन शुरू करने का फैसला किया है। उन्होंने सही फैसला लिया है और कई लोगों की जान बचाई है। विकास योजनाएं बस्तर के दूरदराज इलाकों तक नहीं पहुंच पा रही थीं। उन्होंने विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। उनके माध्यम से हम अन्य माओवादियों से आत्मसमर्पण करने की अपील करते हैं। सरकार उनके स्वागत के लिए लाल कालीन बिछाएगी।"
#WATCH | Bastar | On naxalities brought to police lines to surrender, Chhattisgarh Deputy CM Vijay Sharma says, "This decision is in keeping with the wishes of the people of Bastar. A large number of Maoist members have decided to rehabilitate themselves. Therefore, I… https://t.co/9PsTrz16an pic.twitter.com/oUrZL9BM9g
— ANI (@ANI) October 17, 2025
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया ऐतिहासिक दिन
Chhattisgarh Naxalites Surrender News: इससे पहले, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को 208 नक्सलियों के आत्मसमर्पण की सराहना करते हुए इसे "ऐतिहासिक दिन" बताया। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार हथियार डालने वाले वामपंथी उग्रवादियों को कौशल प्रदान करने और उनके पुनर्वास की दिशा में काम करेगी।
सीएम साय ने संवाददाताओं से कहा, "यह न केवल छत्तीसगढ़ के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक दिन है जब बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे और मुख्यधारा में शामिल होंगे। सरकार उन्हें कुशल बनाने और उनके पुनर्वास के लिए काम करेगी। हम उनसे हिंसा छोड़ने और मुख्यधारा में शामिल होने का आग्रह करते रहे हैं।"
'पूना मारगेम-पुनर्वास से पुनर्जीवन'
बस्तर में हो रही विश्वास, सुरक्षा और विकास की नई सुबह। #NavaBastar pic.twitter.com/MAfVG5IXyW— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) October 17, 2025
वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ बड़ी सफलता
वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी घटना के तहत शुक्रवार को 208 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और भारतीय संविधान में विश्वास व्यक्त करते हुए समाज की मुख्यधारा में शामिल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले समूह में 110 महिलाएँ और 98 पुरुष शामिल हैं, जो प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के विभिन्न स्तरों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
शीर्ष माओवादी नेताओं ने भी डाले हथियार
Chhattisgarh Naxalites Surrender News: अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में एक केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम), चार दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति (डीकेएसजेडसी) सदस्य, एक क्षेत्रीय समिति सदस्य, 21 संभागीय समिति सदस्य (डीवीसीएम), 61 क्षेत्रीय समिति सदस्य (एसीएम), 98 पार्टी सदस्य और 22 पीएलजीए/आरपीसी/अन्य कार्यकर्ता शामिल हैं।
हथियार डालने वाले शीर्ष माओवादी नेताओं में रूपेश उर्फ सतीश (केंद्रीय समिति सदस्य), भास्कर उर्फ राजमन मंडावी (डीकेएसजेडसी सदस्य), रनिता (डीकेएसजेडसी सदस्य), राजू सलाम (डीकेएसजेडसी सदस्य), धन्नू वेट्टी उर्फ संटू (डीकेएसजेडसी सदस्य) और रतन एलाम (क्षेत्रीय समिति सदस्य) शामिल थे।
हथियारों का बड़ा जखीरा सौंपा गया
अभियान के दौरान माओवादियों ने 153 हथियार आत्मसमर्पण किए, जिनमें 19 एके-47 राइफलें, 17 एसएलआर राइफलें, 23 इंसास राइफलें, एक इंसास एलएमजी, 36 .303 राइफलें, चार कार्बाइन, 11 बीजीएल लांचर, 41 बारह बोर या सिंगल-शॉट बंदूकें और एक पिस्तौल शामिल हैं।
अधिकारियों ने इस आत्मसमर्पण को हाल के वर्षों में सबसे महत्वपूर्ण सफलताओं में से एक बताया और कहा कि यह सरकार की नक्सल उन्मूलन और पुनर्वास नीति 2025 की बढ़ती सफलता को रेखांकित करता है, जो आतंकवादियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु विकास, संवाद और विश्वास-निर्माण उपायों को जोड़ती है।
अबूझमाड़ में खत्म हुआ लाल आतंक
Chhattisgarh Naxalites Surrender News: अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही अबूझमाड़ का अधिकांश हिस्सा नक्सली प्रभाव से मुक्त हो गया है, जिससे उत्तर बस्तर में दशकों से चला आ रहा लाल आतंक समाप्त हो गया है। शीर्ष सरकारी अधिकारियों ने कहा, "अब केवल दक्षिण बस्तर ही प्रभावित रह गया है।"
सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः
उत्तर: 👉 कुल 208 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 110 महिलाएँ और 98 पुरुष शामिल हैं।
लेखक के बारे में
A journey of 10 years of extraordinary journalism.. a struggling experience, opportunity to work with big names like Dainik Bhaskar and Navbharat, priority given to public concerns, currently with IBC24 Raipur for three years, future journey unknown
और भी पढ़ें...Web Title: 208 Naxalites Surrender in Bastar: Chhattisgarh CM Calls It a Historic Step Toward Peace and Development
बस्तर
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